
नई दिल्ली, 18 दिसंबर (पीटीआई) केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुरुवार को ग्रामीण रोजगार गारंटी विधेयक पर बहस के दौरान संसद में विपक्ष के “अशोभनीय” व्यवहार की कड़ी निंदा की और कांग्रेस व ‘इंडी’ गठबंधन के सांसदों की हरकतों की तुलना ‘गुंडाराज’ से की।
बीजेपी मुख्यालय में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए, लोकसभा में हंगामे के बाद कार्यवाही स्थगित होने के कुछ घंटे बाद चौहान ने सवाल उठाया कि विपक्ष विधेयक के नाम पर ही आपत्ति क्यों जता रहा है — विकसित भारत गारंटी फॉर रोज़गार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) (वीबी-जी राम जी) विधेयक।
उन्होंने कहा, “विधेयक के नाम को लेकर इतना हंगामा क्यों? विपक्ष को केवल नाम की चिंता है, जबकि हमारा फोकस काम पर है।”
कृषि मंत्री ने कहा, “मैं संसद में कांग्रेस और इंडी गठबंधन के सांसदों के इस शर्मनाक व्यवहार की कड़ी निंदा करता हूं। अपने आचरण से विपक्ष ने लोकतंत्र को शर्मसार किया है, संसदीय परंपराओं को तार-तार किया है और लोकतंत्र को ‘गुंडाराज’ में बदलने की कोशिश की है।”
विपक्षी सांसद संसद में मूल कानून — महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम, 2005 — के नाम को “हटाने” के विरोध में प्रदर्शन कर रहे थे।
चौहान ने सवाल किया कि क्या बापू (महात्मा गांधी) संसद में मेजों पर चढ़कर इस तरह के “अशोभनीय” व्यवहार को स्वीकार करते। पीटीआई पीके एसीबी एसीबी केएसएस केएसएस
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