कनाडा और अमेरिका मध्य जनवरी में मुक्त व्यापार समझौते की समीक्षा पर औपचारिक वार्ता शुरू करेंगे

Canada's Prime Minister Mark Carney speaks at the Assembly of First Nations Special Chiefs Assembly, in Ottawa, Tuesday, Dec. 2, 2025. AP/PTI(AP12_03_2025_000003B)

टोरंटो, 19 दिसंबर (एपी) – कनाडा और अमेरिका अपने मुक्त व्यापार समझौते की समीक्षा के लिए मध्य जनवरी में औपचारिक बातचीत शुरू करेंगे। यह जानकारी कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के कार्यालय ने दी।

कार्नी के कार्यालय ने गुरुवार देर रात जारी एक बयान में कहा कि प्रधानमंत्री ने प्रांतीय नेताओं को बताया है कि अमेरिका–कनाडा व्यापार संबंधों के लिए कनाडा के प्रमुख प्रतिनिधि डोमिनिक लेब्लांक “मध्य जनवरी में अमेरिकी समकक्षों से मिलकर औपचारिक वार्ता की शुरुआत करेंगे।”

संयुक्त राज्य–मेक्सिको–कनाडा व्यापार समझौता (USMCA) वर्ष 2026 में समीक्षा के लिए निर्धारित है। इस समझौते पर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने पहले कार्यकाल में बातचीत की थी और इसमें 2026 में पुनः वार्ता की संभावना से जुड़ा प्रावधान भी शामिल किया गया था।

प्रधानमंत्री कार्नी ने गुरुवार को कनाडा के प्रांतीय मुख्यमंत्रियों से मुलाकात कर अमेरिका के साथ चल रही व्यापार वार्ताओं की स्थिति से उन्हें अवगत कराया।

कनाडा दुनिया के सबसे अधिक व्यापार-निर्भर देशों में से एक है और उसके 75 प्रतिशत से अधिक निर्यात अमेरिका को जाते हैं। हालांकि, USMCA के तहत फिलहाल अमेरिका को होने वाले अधिकांश निर्यात शुल्क-मुक्त हैं।

अक्टूबर में ट्रंप ने कार्नी के साथ कुछ क्षेत्रों में शुल्क घटाने को लेकर चल रही वार्ताएं रोक दी थीं, जब ओंटारियो प्रांतीय सरकार ने अमेरिका में टैरिफ विरोधी विज्ञापन चलाया था। इससे पहले वसंत ऋतु में ट्रंप के इस आग्रह को लेकर भी तनाव रहा था कि कनाडा को अमेरिका का 51वां राज्य बन जाना चाहिए, हालांकि बाद में यह विवाद कम हो गया।

कार्नी ने गुरुवार को पहले कहा था कि उस समय कनाडा और अमेरिका कई क्षेत्रों—जैसे इस्पात और एल्युमिनियम—में क्षेत्रीय टैरिफ राहत को लेकर समझौते के काफी करीब थे। टैरिफ का असर कनाडा की अर्थव्यवस्था के कुछ क्षेत्रों, खासकर एल्युमिनियम, इस्पात, ऑटो और लकड़ी उद्योग पर पड़ रहा है।

कार्नी ने यह भी कहा कि इस सप्ताह अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जैमीसन ग्रीयर द्वारा उठाए गए व्यापार संबंधी मुद्दे महाद्वीपीय व्यापार पर “काफी बड़े विमर्श” का हिस्सा हैं। ग्रीयर ने कहा कि कनाडा–अमेरिका–मेक्सिको व्यापार समझौते की आगामी समीक्षा अमेरिका की इस चिंता पर निर्भर करेगी कि कनाडा की डेयरी उत्पादों, शराब और डिजिटल सेवाओं से जुड़ी नीतियां कैसी हैं।

कार्नी और प्रांतीय मुख्यमंत्रियों ने नए वर्ष की शुरुआत में ओटावा में व्यक्तिगत रूप से मिलने पर भी सहमति जताई है।

कनाडा अमेरिका के 36 राज्यों के लिए शीर्ष निर्यात गंतव्य है। प्रतिदिन लगभग 3.6 अरब कनाडाई डॉलर (लगभग 2.7 अरब अमेरिकी डॉलर) के माल और सेवाओं का सीमा पार व्यापार होता है।

अमेरिका के कच्चे तेल के आयात का लगभग 60 प्रतिशत कनाडा से आता है, वहीं उसकी बिजली आयात का 85 प्रतिशत हिस्सा भी कनाडा से है।

कनाडा अमेरिका को इस्पात, एल्युमिनियम और यूरेनियम का सबसे बड़ा विदेशी आपूर्तिकर्ता भी है और उसके पास 34 महत्वपूर्ण खनिज और धातुएं हैं, जिनमें अमेरिकी रक्षा विभाग राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से रुचि रखता है और निवेश भी कर रहा है।

कार्नी ने कहा कि अमेरिका को कनाडा के महत्वपूर्ण खनिजों तक पहुंच मिलना निश्चित नहीं है।

उन्होंने कहा, “यह अमेरिका के लिए एक संभावित अवसर है, लेकिन यह कोई सुनिश्चित अवसर नहीं है। यह हमारे व्यापारिक संबंधों पर चल रही बड़ी चर्चा का हिस्सा है, क्योंकि हमारे पास दुनिया के अन्य साझेदार भी हैं—जैसे यूरोप—जो इसमें भागीदारी को लेकर बेहद इच्छुक हैं।”

(एपी)