
माउंट माउंगानुई (न्यूज़ीलैंड), 22 दिसंबर (एपी): जैकब डफी की शानदार गेंदबाज़ी (5 विकेट पर 42 रन) की बदौलत न्यूज़ीलैंड ने सोमवार को पांचवें दिन खराब होती पिच पर वेस्टइंडीज को 138 रन पर ढेर कर तीसरा टेस्ट 323 रन से जीत लिया और तीन मैचों की सीरीज़ 2-0 से अपने नाम कर ली।
डफी ने एक कैलेंडर वर्ष में 80 विकेट के रिचर्ड हैडली के न्यूज़ीलैंड रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। उन्होंने सीरीज़ में 23 विकेट 15.4 की औसत से लिए, जिसमें तीन बार पांच विकेट लेने का कारनामा शामिल रहा। तीन टेस्ट में उन्होंने न्यूज़ीलैंड के आक्रमण के मुख्य स्तंभ के रूप में 154 से अधिक ओवर फेंके।
सीरीज़ के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुने गए डफी ने कहा, “लंच के समय मैंने वह सूची देखी और उसमें कई बड़े नाम थे। ऐसे नामों के साथ किसी भी सूची में होना खास है।”
गेंदबाज़ों की कमी, रिकॉर्ड्स की बरसात
न्यूज़ीलैंड की यह जीत ऐसे सीरीज़ का अंत थी, जिसमें दोनों टीमों को तेज़ गेंदबाज़ी विभाग में भारी कमी का सामना करना पड़ा और बल्लेबाज़ी के कई रिकॉर्ड टूटे।
वेस्टइंडीज़ शमार जोसेफ और अल्ज़ारी जोसेफ के बिना खेल रही थी। वहीं न्यूज़ीलैंड के लिए मैट हेनरी, विल ओ’रूर्क, बेन सीयर्स, काइल जैमीसन, नेथन स्मिथ और ब्लेयर टिकनर के चोटिल होने के बाद डफी तेज़ गेंदबाज़ी की अगुआई कर रहे थे।
तीसरा टेस्ट आंकड़ों के शौकीनों के लिए किसी दावत से कम नहीं रहा। न्यूज़ीलैंड की पहली पारी में डेवोन कॉनवे ने 227 और टॉम लैथम ने 137 रन बनाए और दोनों ने 323 रन की ओपनिंग साझेदारी की, जिससे टीम ने 575-8 पर पारी घोषित की। दूसरी पारी में भी कॉनवे (100) और लैथम (101) ने 192 रन जोड़े और न्यूज़ीलैंड ने 306-2 पर पारी घोषित की। इससे पहले वेस्टइंडीज़ पहली पारी में 420 पर आउट हुई थी और उसे जीत के लिए 462 रन का लक्ष्य मिला।
कॉनेवे टेस्ट इतिहास के 10वें खिलाड़ी और पहले न्यूज़ीलैंडर बने, जिन्होंने एक ही मैच में दोहरा शतक और शतक लगाया। वह और लैथम टेस्ट की दोनों पारियों में शतक लगाने वाली पहली ओपनिंग जोड़ी भी बने।
लैथम और कॉनवे ने दो पारियों में कुल 515 रन जोड़े, जो ओपनिंग जोड़ी का रिकॉर्ड है। लैथम ने अपने पिता रॉड की तरह टेस्ट की दोनों पारियों में 100 से अधिक की ओपनिंग साझेदारी में हिस्सा लिया।
कॉनेवे ने कहा, “अभी तक यह पूरी तरह समझ में नहीं आया है। इस टेस्ट में जो हुआ, उसे समझने में समय लगेगा, लेकिन जीत से बेहद खुश हूं।”
न्यूज़ीलैंड को पारी घोषित करने के समय को लेकर कुछ आलोचना भी झेलनी पड़ी, क्योंकि बे ओवल की पिच पहले तीन दिनों तक अपेक्षाकृत सपाट रही। चौथे दिन से दरारें पड़नी शुरू हुईं और आखिरी दिन गेंद अनियमित उछाल लेने लगी।
आख़िरी दिन का खेल
चौथे दिन स्टंप्स तक ब्रैंडन किंग और जॉन कैंपबेल ने 16 ओवर में 43 रन जोड़कर न्यूज़ीलैंड को रोके रखा। आख़िरी दिन जीत के लिए न्यूज़ीलैंड को सभी 10 विकेट लेने थे। सोमवार को दोनों ओपनरों ने पहला घंटा संभलकर खेला और किंग ने 63 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया।
लेकिन पांच गेंदों के भीतर ही दोनों आउट हो गए—किंग 67 और कैंपबेल 105 गेंदों में जुझारू 16 रन बनाकर। इसके बाद लंच से पहले पांच विकेट गिर गए, जिनमें से तीन डफी ने लिए।
लंच के बाद डफी ने रोस्टन चेज़ को कंधे की ऊंचाई तक उछलती तेज़ गेंद पर आउट किया, जिस पर ग्लेन फिलिप्स ने दिन का अपना तीसरा कैच पकड़ा।
शाई होप 78 गेंदों में सिर्फ 3 रन बनाकर एलबीडब्ल्यू हुए—अजाज़ पटेल को दिन का तीसरा विकेट मिला। यह पटेल का न्यूज़ीलैंड में पांच साल बाद पहला टेस्ट था और घरेलू धरती पर उनका पहला टेस्ट विकेट भी इसी मैच में आया।
हैमस्ट्रिंग चोट से जूझ रहे केमार रोच (4) फिलिप्स की गेंद पर बोल्ड हुए। एंडरसन फिलिप और टेविन इमलाच ने 14 ओवर टिके रहने के बाद फिलिप (10) रचिन रवींद्र की गेंद पर एलबीडब्ल्यू हुए। अंत में डफी ने 80.3 ओवर में जेडन सील्स को आउट कर पारी समाप्त की और अपना पांचवां विकेट पूरा किया।
कड़ी टक्कर वाली सीरीज़
तीनों टेस्ट में वेस्टइंडीज़ लंबे समय तक प्रतिस्पर्धी रही। पहले टेस्ट में 531 के लक्ष्य का पीछा करते हुए जस्टिन ग्रीव्स ने 564 मिनट में 202 रन बनाए और टीम 163.3 ओवर खेलकर 457-6 पर पहुंची, जिससे मैच ड्रॉ रहा—यह पांच दिवसीय टेस्ट युग में चौथी पारी का सर्वोच्च स्कोर था। केमार रोच ने भी लगभग पांच घंटे में 58 रन बनाए।
न्यूज़ीलैंड की दूसरी पारी में लैथम ने 145 और रचिन रवींद्र ने 176 रन बनाए (466-8 घोषित)।
दूसरे टेस्ट में न्यूज़ीलैंड ने नौ विकेट से जीत दर्ज की। उस मैच में डेब्यू कर रहे मिच हे के 61 रन दोनों टीमों का सर्वोच्च स्कोर थे। वेस्टइंडीज़ ने 205 और 128 बनाए, जबकि न्यूज़ीलैंड ने 278-9 और 57-1 बनाकर 55 रन का लक्ष्य आसानी से हासिल किया। उस मैच में भी डफी ने 5-38 लेकर निर्णायक भूमिका निभाई।
