बांग्लादेश में हिंसा पर गुटेरेस ने जताई चिंता, हिंदू व्यक्ति की लिंचिंग भी शामिल

United Nations Secretary-General António Guterres addresses a media conference on the eve of the G20 Summit in Johannesburg, South Africa, Friday, Nov. 21, 2025. AP/PTI(AP11_21_2025_000360B)

संयुक्त राष्ट्र, 23 दिसंबर (पीटीआई) — संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेस ने बांग्लादेश में हुई हिंसा पर चिंता जताई है, जिसमें एक हिंदू व्यक्ति की लिंचिंग की घटना भी शामिल है।

महासचिव के प्रवक्ता स्तेफान दुजारिक ने सोमवार को दैनिक प्रेस ब्रीफिंग में कहा, “हां, हमने बांग्लादेश में जो हिंसा देखी है, उसे लेकर हम बेहद चिंतित हैं।”

वह बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हमलों, विशेष रूप से हाल के दिनों में हिंदुओं की लिंचिंग की घटनाओं पर महासचिव की प्रतिक्रिया से जुड़े सवाल का जवाब दे रहे थे।

दुजारिक ने कहा, “चाहे वह बांग्लादेश हो या कोई अन्य देश, जो लोग ‘बहुसंख्यक’ वर्ग से नहीं आते, उन्हें सुरक्षित महसूस करने की जरूरत है, और सभी बांग्लादेशियों को सुरक्षित महसूस करना चाहिए। हमें विश्वास है कि सरकार हर एक बांग्लादेशी की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जो संभव होगा, वह करेगी।”

पिछले सप्ताह मयमनसिंह के बालुका इलाके में 25 वर्षीय परिधान फैक्ट्री कर्मचारी दीपू चंद्र दास की कथित ईशनिंदा के आरोप में भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या कर दी गई और बाद में उसके शव को आग लगा दी गई।

दास की लिंचिंग के मामले में रविवार को दो और लोगों को गिरफ्तार किया गया। नवीनतम गिरफ्तारियों के साथ, हत्या में कथित संलिप्तता के आरोप में कुल 12 लोगों को हिरासत में लिया गया है। ‘द डेली स्टार’ अखबार ने पुलिस और रैपिड एक्शन बटालियन (आरएबी) के सूत्रों के हवाले से यह जानकारी दी।

इस बीच, संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार प्रमुख वोल्कर टुर्क ने कहा कि वे बांग्लादेश में पिछले वर्ष के विरोध प्रदर्शनों के नेता शरीफ उस्मान बिन हादी की हत्या से बेहद व्यथित हैं। हादी की पिछले सप्ताह गोली लगने के बाद चोटों के चलते मौत हो गई थी।

टुर्क ने शांति बनाए रखने और सभी से हिंसा से दूर रहने की अपील की। उन्होंने कहा, “प्रतिशोध और बदले की कार्रवाई केवल विभाजन को गहरा करेगी और सभी के अधिकारों को कमजोर करेगी।”

उन्होंने कहा, “मैं अधिकारियों से आग्रह करता हूं कि वे हादी की मौत का कारण बने हमले की त्वरित, निष्पक्ष, गहन और पारदर्शी जांच करें तथा जिम्मेदार लोगों के खिलाफ उचित कानूनी प्रक्रिया और जवाबदेही सुनिश्चित करें।”

फरवरी में होने वाले संसदीय चुनावों का उल्लेख करते हुए टुर्क ने कहा कि ऐसा वातावरण सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है, जिसमें सभी लोग सार्वजनिक जीवन में सुरक्षित और शांतिपूर्ण तरीके से भाग ले सकें और विभिन्न विचारों को स्वतंत्र रूप से व्यक्त कर सकें।

उन्होंने कहा, “मैं अधिकारियों से आग्रह करता हूं कि वे इस महत्वपूर्ण समय में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, शांतिपूर्ण सभा के अधिकार और पत्रकारों की सुरक्षा को बनाए रखें तथा अशांति के और बढ़ने को रोकें।”

मानवाधिकार उच्चायुक्त ने कहा कि उनका कार्यालय मानवाधिकारों की रक्षा और आगे की हिंसा को रोकने के प्रयासों में सहयोग देने के लिए अधिकारियों और सभी हितधारकों के साथ काम करने को तैयार है। (पीटीआई) YAS AMS