इमरान खान ने ‘आसिम कानून’ के खिलाफ सड़क आंदोलन की तैयारी करने को केपीके के सीएम अफरीदी को निर्देश दिए

PM Imran Khan and Bushra Bibi

लाहौर, 23 दिसंबर (पीटीआई): पाकिस्तान के जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने अपनी पार्टी के खैबर-पख्तूनख्वा (केपीके) के मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी को कथित “आसिम कानून” के खिलाफ सड़क आंदोलन की तैयारी करने के निर्देश दिए हैं। इसे सेना प्रमुख (चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज) आसिम मुनीर की ओर इशारा माना जा रहा है।

73 वर्षीय इमरान खान अगस्त 2023 से जेल में बंद हैं। अप्रैल 2022 में सत्ता से हटाए जाने के बाद से उनके खिलाफ कई मामले दर्ज किए गए हैं। शनिवार को एक अदालत ने तोशाखाना-2 भ्रष्टाचार मामले में उन्हें और उनकी पत्नी बुशरा बीबी को 17-17 साल की जेल की सजा सुनाई।

सोमवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए खान ने कहा, “सोहेल अफरीदी के लिए मेरा संदेश है कि सड़क आंदोलन की तैयारी करें। पूरे देश को अपने अधिकारों के लिए उठ खड़ा होना चाहिए। न्याय के लिए संघर्ष करना एक पवित्र कर्तव्य है और मैं अपनी क़ौम की हक़ीक़ी आज़ादी (सच्ची स्वतंत्रता) के लिए अपनी जान देने को भी तैयार हूं।”

पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के संस्थापक ने आगे कहा कि पाकिस्तान में इस समय केवल “आसिम कानून” के तहत शासन चल रहा है।

उन्होंने कहा, “यहां फैसले पहले से लिखे जाते हैं और केवल उन्हें सुनाया जाता है। पिछले तीन वर्षों के निराधार फैसलों और सजाओं की तरह तोशाखाना-2 का फैसला भी मेरे लिए कोई नई बात नहीं है। यह फैसला भी बिना किसी सबूत के और कानूनी औपचारिकताओं को पूरा किए बिना जल्दबाजी में सुनाया गया।”

खान ने कहा कि उन्हें और उनकी पत्नी को एकांत कारावास में रखा जाना गंभीर मानसिक यातना के समान है।

उन्होंने कहा, “हमें किताबों, टेलीविजन और मुलाकातों से वंचित रखा गया है। जबकि अन्य सभी कैदियों को टीवी देखने की अनुमति है, यह बुनियादी सुविधा भी बुशरा बीबी और मुझे नहीं दी गई। मेरे परिवार द्वारा भेजी गई किताबें जेल प्रशासन जब्त कर लेता है और हमें हफ्तों तक एकांत कारावास में रखा जाता है।”

उन्होंने कहा, “यह व्यवहार अमानवीय है, लेकिन यह सारा दमन और अत्याचार मेरे संकल्प को कमजोर नहीं कर सकता।” खान ने यह भी जोड़ा कि “हमारी परंपरा महिलाओं और बच्चों को निशाना बनाने की नहीं है। हमारा धर्म युद्ध के समय भी महिलाओं के प्रति दया का आदेश देता है, लेकिन यहां उन्हें केवल राजनीतिक प्रतिशोध के तहत प्रताड़ित किया जा रहा है।”

इमरान खान ने सेना समर्थित शहबाज़ शरीफ सरकार पर भी तीखा हमला बोला।

उन्होंने कहा, “जब मैं आसिम मुनीर की आलोचना करता हूं, तो यह किसी एक व्यक्ति की आलोचना है, जैसे अतीत में तानाशाहों की आलोचना की जाती रही है। आसिम मुनीर किसी जनमत संग्रह या लोकप्रिय वोट के जरिए सत्ता में नहीं आए हैं। जेल में मेरे साथ जो कुछ भी हो रहा है, वह आसिम मुनीर के आदेशों पर काम कर रहे एक कर्नल के निर्देशों पर किया जा रहा है।”

कानून के शासन को बहाल करने और संविधान की रक्षा के संघर्ष के लिए इंसाफ लॉयर्स फोरम और पूरे कानूनी समुदाय को निर्णायक रूप से आगे आना चाहिए, क्योंकि केवल एक न्यायपूर्ण कानूनी व्यवस्था ही जनता की रक्षा कर सकती है। इसके बिना न तो आर्थिक प्रगति संभव है और न ही नैतिक विकास, इमरान खान ने कहा।