2030 तक क्षमता दोगुनी करने का लक्ष्य: दक्षिण रेलवे के प्रमुख शहर टर्मिनलों के उन्नयन की घोषणा — वैष्णव

New Delhi: Union Minister for Information and Broadcasting Ashwini Vaishnaw briefs the media on cabinet decisions, in New Delhi, Friday, Dec. 12, 2025. (PTI Photo/Kamal Kishore) (PTI12_12_2025_000230B)

चेन्नई/कोच्चि, 29 दिसंबर (पीटीआई) — केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने रविवार को कहा कि बढ़ती यात्री मांग को पूरा करने के लिए दक्षिण रेलवे 2030 तक तमिलनाडु के चेन्नई और कोयंबटूर तथा केरल के एर्नाकुलम (कोच्चि) में ट्रेनों की क्षमता दोगुनी करेगा।

उन्होंने इस उद्देश्य से दक्षिण रेलवे के प्रमुख कोचिंग टर्मिनलों—चेन्नई, कोयंबटूर और एर्नाकुलम—में व्यापक उन्नयन की घोषणा की।

दक्षिण रेलवे द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, मंत्री ने कहा, “हम बढ़ती यात्री मांग को पूरा करने और भीड़ कम करने के लिए विभिन्न शहरों में कोचिंग टर्मिनलों का विस्तार, सेक्शनल और परिचालन क्षमताओं में वृद्धि कर रहे हैं। इससे रेलवे नेटवर्क का उन्नयन होगा और देशभर में कनेक्टिविटी बेहतर होगी।”

विज्ञप्ति में कहा गया कि इस रणनीति के तहत अतिरिक्त प्लेटफॉर्म, स्टेबलिंग लाइन्स, नए टर्मिनल, मेंटेनेंस सुविधाएं और मल्टी-ट्रैकिंग जैसे उपायों के जरिए तेजी से बढ़ रही यात्रा आवश्यकताओं को संबोधित किया जाएगा। समयबद्ध क्षमता-वृद्धि के लिए चिन्हित 48 प्रमुख शहरों में चेन्नई और कोयंबटूर भी शामिल हैं।

विज्ञप्ति के अनुसार, चेन्नई एग्मोर स्टेशन के पुनर्विकास में हवाई अड्डे जैसी यात्री पृथक्करण व्यवस्था, दो एसी टर्मिनल भवन, 44 लिफ्ट, 31 एस्केलेटर और 14,000 वर्ग मीटर का कॉनकोर्स शामिल है। तांबरम स्टेशन पर नौ लिफ्ट लगाई जाएंगी और उपनगरीय सेवाओं के बेहतर एकीकरण की व्यवस्था होगी। सेंट्रल और एग्मोर स्टेशनों पर दबाव कम करने के लिए पेरंबूर में नया टर्मिनल (342 करोड़ रुपये, सात प्लेटफॉर्म) बनाया जाएगा। चेन्नई बीच–एग्मोर चौथी लाइन (कमीशन हो चुकी) और अट्टीपट्टू–गुम्मिडिपुंडी तीसरी-चौथी लाइन (स्वीकृत) जैसे मल्टी-ट्रैकिंग प्रोजेक्ट उपनगरीय कनेक्टिविटी को मजबूत करेंगे।

कोयंबटूर में पोडनूर जंक्शन को 100 करोड़ रुपये के निवेश से स्टेबलिंग और पिट लाइनों के साथ दूसरे टर्मिनल के रूप में विकसित किया जाएगा। कोयंबटूर नॉर्थ स्टेशन का पुनर्विकास (11.5 करोड़ रुपये) नए प्रवेश द्वार और सुविधाओं के साथ होगा, जबकि कोयंबटूर जंक्शन का पीपीपी प्रोजेक्ट (692.65 करोड़ रुपये) डीपीआर चरण में है।

केरल का कोच्चि (एर्नाकुलम) दक्षिण रेलवे नेटवर्क का एक प्रमुख रेल हब है, जो राज्य को देश के अन्य हिस्सों से जोड़ने में अहम भूमिका निभाता है। विज्ञप्ति के अनुसार, एर्नाकुलम टाउन रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास दो चरणों में कुल 150.28 करोड़ रुपये की लागत से किया जाएगा, ताकि निर्माण के दौरान यात्री संचालन निर्बाध रहे।

कोच्चि की रेल व्यवस्था में एर्नाकुलम जंक्शन, एर्नाकुलम टाउन और त्रिपुणितुरा स्टेशन शामिल हैं, जो मिलकर यात्री और माल ढुलाई का बड़ा हिस्सा संभालते हैं। ये स्टेशन लंबी दूरी, इंटरसिटी और पैसेंजर ट्रेन सेवाओं के महत्वपूर्ण द्वार हैं और कोच्चि की वाणिज्यिक, औद्योगिक व पर्यटन गतिविधियों को समर्थन देते हैं।

विज्ञप्ति में बताया गया कि पहले चरण का कार्य स्टेशन क्षेत्र के दक्षिणी हिस्से में जारी है। निष्पादन को सुगम बनाने के लिए स्टाफ क्वार्टर, पार्सल कार्यालय, ड्यूटी एसएम कक्ष, सब-स्टेशन और ओएफसी कक्ष जैसी मौजूदा सुविधाओं को स्थानांतरित किया गया है।

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श्रेणी: ब्रेकिंग न्यूज़

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