जयपुर, 31 दिसंबर (PTI): राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बुधवार को राज्य सरकार से राजस्थान प्लेटफॉर्म-आधारित गिग वर्कर्स (पंजीकरण एवं कल्याण) अधिनियम, 2023 को तत्काल लागू करने की अपील की। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की उदासीनता के कारण गिग वर्कर्स को हड़ताल पर जाने के लिए मजबूर होना पड़ा है।
एक बयान में गहलोत ने कहा कि डिलीवरी पार्टनर्स सहित गिग वर्कर्स, जो अपने परिवार का खर्च रोज़ की कमाई से चलाते हैं, उन्हें नए साल के दौरान भी प्रदर्शन करना पड़ रहा है, जबकि यह समय ऑर्डर्स के लिहाज से सबसे व्यस्त होता है।
उन्होंने कहा, “ऐसे दिनों में काम छोड़ना किसी की पसंद नहीं, बल्कि एक आर्थिक मजबूरी होती है।”
भारत जोड़ो यात्रा के दौरान हुए संवाद का जिक्र करते हुए गहलोत ने कहा कि गिग वर्कर्स ने अपनी समस्याएं कांग्रेस नेता राहुल गांधी के समक्ष रखी थीं, जिसके बाद पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने प्लेटफॉर्म-आधारित श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा देने के लिए देश का पहला कानून बनाया।
इस कानून को “ऐतिहासिक” बताते हुए गहलोत ने कहा कि भाजपा-नेतृत्व वाली राज्य सरकार द्वारा इसे लागू न किए जाने से श्रमिक अपने वैध अधिकारों से वंचित हैं और उन्हें अपने हक के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। उन्होंने राज्य सरकार से बिना किसी देरी के नियम बनाने और कानून को उसकी मूल भावना के साथ लागू करने की मांग की।
गहलोत ने यह भी कहा कि कर्नाटक ने राजस्थान के मॉडल का अनुसरण करते हुए गिग वर्कर्स के लिए इसी तरह का कानून बनाया है। उन्होंने केंद्र सरकार से भी निजी कंपनियों द्वारा शोषण से गिग वर्कर्स की रक्षा के लिए देशभर में एक समान कानून लाने की अपील की।
उन्होंने दोहराया कि तेजी से बढ़ती प्लेटफॉर्म इकॉनमी में गिग वर्कर्स को सम्मान और न्याय सुनिश्चित करने के लिए सामाजिक सुरक्षा बेहद आवश्यक है।
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