‘व्हाइट-कॉलर आतंकवाद’ में वृद्धि: शिक्षित लोगों के राष्ट्रविरोधी होने पर राजनाथ का चेतावनी भरा बयान

**EDS: THIRD PARTY IMAGE** In this image received on Jan. 1, 2026, Defence Minister Rajnath Singh chairs a meeting on the occasion of DRDO's 68th Foundation Day, at DRDO headquarters, in New Delhi. (PIB via PTI Photo)(PTI01_01_2026_000177B)

उदयपुर, 2 जनवरी (PTI) — रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को देश में “व्हाइट-कॉलर आतंकवाद” की बढ़ती प्रवृत्ति को लेकर गंभीर चिंता जताई और कहा कि अत्यधिक शिक्षित लोग तेजी से असामाजिक और राष्ट्रविरोधी गतिविधियों में संलिप्त हो रहे हैं।

10 नवंबर को दिल्ली के लाल किले के पास हुए कार बम धमाके का जिक्र करते हुए सिंह ने कहा कि इस हमले के आरोपी डॉक्टर थे, जो यह दर्शाता है कि मूल्यविहीन शिक्षा कितनी खतरनाक हो सकती है।

“आज देश में व्हाइट-कॉलर आतंकवाद की एक चिंताजनक प्रवृत्ति उभर रही है। अत्यधिक शिक्षित लोग समाज और देश के खिलाफ काम कर रहे हैं,” सिंह ने यहां भूपाल नोबल्स विश्वविद्यालय के 104वें स्थापना दिवस समारोह को संबोधित करते हुए कहा।

उन्होंने कहा, “(दिल्ली) बम धमाके के आरोपी डॉक्टर थे — जो पर्चे पर ‘Rx’ लिखते हैं, लेकिन जिनके हाथों में RDX था। यह इस बात को रेखांकित करता है कि ज्ञान के साथ मूल्य और चरित्र भी आवश्यक हैं।”

10 नवंबर को विस्फोटकों से भरी एक आई-20 कार लाल किले के बाहर फट गई थी, जिसमें 15 लोगों की मौत हो गई थी। जांच में बाद में एक ‘व्हाइट-कॉलर’ आतंकी मॉड्यूल का खुलासा हुआ, जिसके तहत डॉक्टर मुजम्मिल गनई, आदिल राथर और शहीना सईद समेत कई लोगों को गिरफ्तार किया गया। वाहन डॉक्टर उमर-उन-नबी चला रहा था।

रक्षा मंत्री ने जोर दिया कि शिक्षा का उद्देश्य केवल पेशेवर सफलता नहीं है। उन्होंने कहा, “शिक्षा का उद्देश्य सिर्फ पेशेवर सफलता नहीं, बल्कि नैतिकता, आचार और मानवीय चरित्र का विकास भी है।”

राष्ट्रीय सुरक्षा और प्रौद्योगिकी पर बात करते हुए सिंह ने कहा कि भारत के रक्षा स्टार्टअप “उल्लेखनीय कार्य” कर रहे हैं और विश्वास जताया कि देश अगले 15–20 वर्षों में हथियारों के क्षेत्र में पूरी तरह आत्मनिर्भर हो जाएगा।

उन्होंने कृत्रिम बुद्धिमत्ता और मशीन लर्निंग की परिवर्तनकारी भूमिका को भी रेखांकित किया और कहा कि इन तकनीकों का उपयोग सकारात्मक रूप से राष्ट्रीय विकास के लिए किया जाना चाहिए।

सिंह ने कहा कि भारत वर्तमान में दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और 2030 तक तीसरी सबसे बड़ी बनने की दिशा में अग्रसर है, जिसमें विश्वविद्यालयों की अहम भूमिका है।

उन्होंने लोगों से आत्मसम्मान और विनम्रता के बीच संतुलन बनाए रखने का आह्वान करते हुए कहा, “आत्मसम्मान की भावना आवश्यक है, लेकिन यह कभी भी अहंकार में नहीं बदलनी चाहिए।”

श्रेणी: ब्रेकिंग न्यूज़

SEO टैग्स: #स्वदेशी, #समाचार, शिक्षित लोगों की राष्ट्रविरोधी गतिविधियों में संलिप्तता की ‘चिंताजनक प्रवृत्ति’ पर राजनाथ की चेतावनी