
रायपुर, 2 जनवरी (पीटीआई): छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने शुक्रवार को कथित शराब घोटाले से जुड़े दो मामलों में पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को जमानत दे दी।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के वकील सौरभ कुमार पांडे ने पीटीआई को बताया कि हाईकोर्ट ने ईडी द्वारा दर्ज मामले के साथ-साथ छत्तीसगढ़ एंटी करप्शन ब्यूरो/आर्थिक अपराध शाखा (एसीबी/ईओडब्ल्यू) के मामले में भी चैतन्य बघेल को जमानत प्रदान की है।
ईडी ने कथित घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में चैतन्य बघेल को पिछले साल जुलाई में गिरफ्तार किया था। इसके बाद, सितंबर में एसीबी/ईओडब्ल्यू ने भ्रष्टाचार जांच से जुड़े अपने मामले में, जब वह जेल में ही थे, उन्हें गिरफ्तार किया था।
ईडी के अनुसार, राज्य में यह कथित शराब “घोटाला” वर्ष 2019 से 2022 के बीच उस समय अंजाम दिया गया, जब छत्तीसगढ़ में भूपेश बघेल के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार सत्ता में थी।
एजेंसी का दावा है कि इस कथित घोटाले से राज्य के खजाने को “भारी नुकसान” हुआ और शराब सिंडिकेट से जुड़े लाभार्थियों की जेबें भरी गईं।
ईडी के मुताबिक, चैतन्य बघेल कथित शराब घोटाले के पीछे काम कर रहे सिंडिकेट के प्रमुख थे और उन्होंने व्यक्तिगत रूप से इस घोटाले से उत्पन्न लगभग 1,000 करोड़ रुपये की राशि संभाली।
एसीबी/ईओडब्ल्यू ने दावा किया है कि चैतन्य बघेल ने अपराध की आय को उच्च स्तर पर प्रबंधित करने के साथ-साथ अपने हिस्से के रूप में लगभग 200–250 करोड़ रुपये प्राप्त किए।
राज्य एजेंसी के अनुसार, इस कथित घोटाले से जुड़े अपराध की कुल आय 3,500 करोड़ रुपये से अधिक हो सकती है।
पीटीआई TKP RSY BNM
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