
नई दिल्ली, 3 जनवरी(पीटीआई) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को कहा कि भगवान बुद्ध की समझ और दिखाया गया रास्ता पूरी इंसानियत का है और उनके पवित्र अवशेष सिर्फ़ कलाकृतियां नहीं हैं, बल्कि भारत की पूजनीय विरासत का हिस्सा हैं।
1898 में मिले पवित्र पिपरहवा अवशेषों की भव्य अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी का उद्घाटन करते हुए मोदी ने कहा कि भगवान बुद्ध सबके हैं और सभी लोगों को एक साथ जोड़ते हैं।
यहां एक कार्यक्रम में बौद्ध विद्वानों, राजनयिकों और अन्य मेहमानों की मौजूदगी में प्रधानमंत्री ने कहा, “भारत के लिए, भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेष सिर्फ़ कलाकृतियां नहीं हैं, वे हमारी पूजनीय विरासत का हिस्सा हैं और हमारी सभ्यता का एक अटूट हिस्सा हैं।”
उन्होंने कहा कि सवा सौ साल के इंतज़ार के बाद, भारत की विरासत वापस आ गई है, और भारत की पवित्र विरासत घर लौट आई है।
उन्होंने कहा कि भगवान बुद्ध की समझ और दिखाया गया रास्ता पूरी इंसानियत का है।
मोदी ने बुद्ध के अवशेषों को उनकी मातृभूमि में वापस लाने के लिए गोदरेज ग्रुप को भी धन्यवाद दिया।
पिपरहवा अवशेष शुरुआती बौद्ध धर्म के पुरातात्विक अध्ययन में एक खास जगह रखते हैं।
एक आधिकारिक बयान के अनुसार, ये अवशेष सबसे शुरुआती और ऐतिहासिक रूप से सबसे महत्वपूर्ण जमाओं में से हैं जो सीधे भगवान बुद्ध से जुड़े हैं। पीटीआई एसकेयू एसीबी डीआईवी डीआईवी
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