अवैध प्रवासन पर सख्ती: ब्रिटेन अब फोन और सिम कार्ड जब्त करेगा

**EDS: THIRD PARTY IMAGE** In this image posted on Dec. 19, 2025, As part of search operations against contraband items inside prisons premises of Karnataka, 10 mobile phones and 4 Sims at Kalaburgi, 6 phones at Mangalore, 4 phones at Ballari, 3 phones and 4 Sims seized at Shimoga prisons. (@alokkumar6994/X via PTI Photo)(PTI12_19_2025_000068B)

लंदन, 5 जनवरी (पीटीआई)

इंग्लिश चैनल पार कर छोटी नावों से अवैध रूप से ब्रिटेन पहुंचने वाले प्रवासियों से मोबाइल फोन और छिपे हुए सिम कार्ड जब्त किए जा सकेंगे। यह नया अधिकार सोमवार से लागू हो गया है।

नए प्रावधानों के तहत, कानून प्रवर्तन एजेंसियां अब अवैध प्रवासियों को गिरफ्तार किए बिना ही उनके मोबाइल फोन और सिम कार्ड जैसे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त कर सकती हैं। इसका उद्देश्य मानव तस्करों को पकड़ने और गिरफ्तार करने के लिए खुफिया जानकारी जुटाना है।

ब्रिटेन के गृह मंत्रालय ने कहा कि ये “गेम चेंजर” नए आपराधिक प्रावधान अधिकारियों को संगठित अपराधियों को तेजी से रोकने में मदद करेंगे और अवैध प्रवासन को बढ़ावा देने वाले मानव तस्करों की गिरफ्तारी संभव बनाएंगे।

ब्रिटेन के सीमा सुरक्षा और शरण मंत्री एलेक्स नॉरिस ने कहा,

“हमने अपनी सीमाओं पर व्यवस्था और नियंत्रण बहाल करने का वादा किया था, जिसका मतलब है इस घातक धंधे के पीछे काम कर रहे मानव तस्करी नेटवर्क से निपटना। यही कारण है कि हम मजबूत नए कानून लागू कर रहे हैं, ताकि इन घिनौने गिरोहों को पहले से कहीं तेज़ी से रोका, बाधित किया और खत्म किया जा सके।”

उन्होंने कहा कि ये परिचालन उपाय व्यापक सुधारों के साथ लागू किए जा रहे हैं, ताकि अवैध रूप से ब्रिटेन आने को कम आकर्षक बनाया जा सके और लोगों को तेजी से हटाया व निर्वासित किया जा सके।

फोन जब्ती की प्रक्रिया दक्षिण-पूर्व इंग्लैंड के केंट स्थित मैनस्टन में प्रवासियों के अल्पकालिक होल्डिंग केंद्र से शुरू की गई है, जहां जब्त किए गए उपकरणों से डेटा डाउनलोड करने की तकनीक मौजूद है।

नेशनल क्राइम एजेंसी (NCA), पुलिस और आव्रजन प्रवर्तन अधिकारी अब संपत्ति या वाहनों की तलाशी और छापों के दौरान भी ऐसे उपकरण जब्त कर सकते हैं। अधिकारी अवैध प्रवासियों को कोट, जैकेट या दस्ताने उतारने का निर्देश दे सकते हैं और मुंह के अंदर छिपे सिम कार्ड की भी जांच कर सकते हैं।

ब्रिटेन के बॉर्डर सिक्योरिटी कमांडर मार्टिन हेविट ने कहा,

“अवैध प्रवासन को बढ़ावा देने वाले आपराधिक तस्करी गिरोहों को लोगों की जान की कोई परवाह नहीं होती। बॉर्डर सिक्योरिटी कमांड शुरू होने के बाद से इन नेटवर्क के खिलाफ लगभग 4,000 कार्रवाइयां की जा चुकी हैं।”

उन्होंने कहा कि नए कानूनी अधिकारों से इन गिरोहों के खिलाफ और सख्ती से कार्रवाई की जा सकेगी, जिससे सीमाएं सुरक्षित होंगी और जानें बचाई जा सकेंगी।

अब लागू हुए बॉर्डर सिक्योरिटी, असायलम और इमिग्रेशन एक्ट के तहत, अवैध प्रवासियों को लाने में इस्तेमाल होने वाले नाव के इंजन जैसे सामान को ले जाने, संग्रहित करने या आपूर्ति करने पर भी कार्रवाई की जा सकेगी। ऐसे अपराधों में दोषी पाए जाने पर 14 साल तक की जेल हो सकती है।

अवैध प्रवासन को सुगम बनाने के लिए जानकारी डाउनलोड करने, शोध करने या रिकॉर्ड करने पर भी अधिकतम पांच साल की सजा का प्रावधान है। इसमें पुलिस से बचने के लिए नाव उतारने की जगहों का नक्शा डाउनलोड करना या नाव बनाने के लिए उपकरणों की जानकारी जुटाना शामिल हो सकता है।

गृह मंत्रालय ने कहा कि वाहन में नकली फर्श या गुप्त खांचे जैसे बदलाव कर प्रवासियों को छिपाने वाले डिब्बों के आयात, निर्माण या आपूर्ति को भी अपराध बनाया गया है, जिसमें पांच साल तक की सजा हो सकती है।

मंत्रालय ने कहा, “आतंकवाद-रोधी पुलिस की तरह यह कानून एजेंसियों को पहले ही चरण में गिरोहों के नेटवर्क को बाधित करने और तस्करों को गिरफ्तार करने में सक्षम बनाएगा, इससे पहले कि लोगों की जान खतरे में पड़े।”

NCA का मानना है कि नए अधिकारों से जांच तेज होगी, जिनमें पहले अपराध साबित करने में महीनों या वर्षों लग जाते थे।

यह कदम गृह मंत्री शबाना महमूद द्वारा पिछले साल नवंबर में घोषित ब्रिटेन की शरण प्रणाली में व्यापक सुधारों के बाद उठाया गया है।

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, सितंबर 2025 को समाप्त वर्ष में गिरफ्तारियों, सजाओं और आपराधिक नकदी व संपत्ति की जब्ती में पिछले वर्ष की तुलना में 33 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। लेबर पार्टी सरकार का दावा है कि जुलाई 2024 में सत्ता में आने के बाद से अब तक 50,000 ऐसे लोगों को निर्वासित किया गया है, जिन्हें ब्रिटेन में रहने का कोई कानूनी अधिकार नहीं था।