
नई दिल्ली, 5 जनवरी (पीटीआई)
दिल्ली विधानसभा के शीतकालीन सत्र के शेष तीन दिनों के लिए सोमवार को आम आदमी पार्टी (आप) के चार विधायकों को निलंबित कर दिया गया।
निलंबित किए गए विधायक हैं—संजय झा, सोम दत्त, कुलदीप कुमार और जरनैल सिंह। इन पर उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना के अभिभाषण के दौरान व्यवधान पैदा करने का आरोप है।
वर्ष का पहला सत्र उपराज्यपाल के अभिभाषण से शुरू हुआ, जिसे शहर में बढ़ते वायु प्रदूषण के मुद्दे पर विरोध कर रहे आप विधायकों ने बाधित किया। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने विपक्ष के कई सदस्यों को सदन से बाहर निकालने का आदेश दिया।
उपराज्यपाल के अभिभाषण के दौरान, आप विधायक बाहर गैस मास्क पहनकर विरोध प्रदर्शन करते रहे।
पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने इस विरोध की निंदा करते हुए सवाल उठाया कि जब आप सत्ता में थी, तब उसने क्या कदम उठाए।
“आप विधायकों ने दो-दो लाख रुपये के मास्क खरीदे हैं। इससे साफ है कि उन्हें अपनी सेहत की कितनी चिंता है। सवाल यह है कि इन मास्कों के लिए 50 से 60 लाख रुपये कहां से आए?” सिरसा ने कहा।
उन्होंने कहा कि 11 वर्षों तक सरकार चलाने के दौरान पार्टी ने लोगों को “बीमारियां” और “प्रदूषण” दिया।
अभिभाषण के बाद जब सदन दोबारा बैठा, तो लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने चार विधायकों के निलंबन का प्रस्ताव रखा।
“जिन सदस्यों ने सदन में व्यवधान उत्पन्न किया—संजय झा, कुलदीप कुमार, सोम दत्त और जरनैल सिंह—उन्हें सत्र के शेष तीन दिनों के लिए निलंबित किया जाए,” उन्होंने प्रस्ताव पढ़ते हुए कहा। सदन ने इस प्रस्ताव को पारित कर दिया।
अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि इन चारों ने बिना किसी वैध कारण के व्यवधान पैदा कर सदन और उपराज्यपाल का अपमान किया।
निलंबन पर प्रतिक्रिया देते हुए संजय झा ने कहा, “जब उपराज्यपाल विधानसभा को संबोधित कर रहे थे, तब विपक्ष के रूप में यह हमारी जिम्मेदारी थी कि हम पूछें कि 80 प्रतिशत प्रदूषण घटाने का फॉर्मूला कहां है, प्रदूषण इतना गंभीर क्यों हो गया और दिसंबर सबसे अधिक प्रदूषित महीना क्यों बना।” उन्होंने अध्यक्ष के कदम को “बेहद शर्मनाक” बताया।
सदन ने पीडब्ल्यूडी मंत्री द्वारा पेश एक अन्य प्रस्ताव भी पारित किया, जिसके तहत विधानसभा की बैठकों का समय बदला गया। अब सत्र दोपहर 2 बजे के बजाय सुबह 11 बजे शुरू होगा।
