सैदा (लेबनान), 6 जनवरी (एपी): इज़राइल की वायुसेना ने सोमवार और मंगलवार तड़के लेबनान के दक्षिणी और पूर्वी क्षेत्रों में कई जगहों पर हवाई हमले किए। इन हमलों में देश का तीसरा सबसे बड़ा शहर सैदा भी शामिल है।
मंगलवार तड़के करीब 1 बजे सैदा के एक व्यावसायिक इलाके में किए गए हमले में तीन मंज़िला इमारत पूरी तरह तबाह हो गई। यह घटना ऐसे समय हुई है, जब कुछ ही दिनों बाद लेबनान के सेना प्रमुख सरकार को इज़राइल सीमा से सटे इलाकों में उग्रवादी संगठन हिज़्बुल्लाह के निरस्त्रीकरण से जुड़े अभियान पर जानकारी देने वाले हैं।
एसोसिएटेड प्रेस के एक फ़ोटोग्राफ़र ने बताया कि जिस इमारत को निशाना बनाया गया, वह वर्कशॉप और मैकेनिक दुकानों वाले इलाके में स्थित थी और खाली थी। कम से कम एक व्यक्ति को एंबुलेंस के ज़रिये अस्पताल ले जाया गया, जबकि बचाव दल मलबे में अन्य लोगों की तलाश करता रहा। हालांकि, तत्काल किसी की मौत की पुष्टि नहीं हुई।
सोमवार को इससे पहले इज़राइली सेना ने दक्षिणी और पूर्वी लेबनान में कई अन्य ठिकानों पर भी हमले किए। इज़राइल का दावा है कि इन स्थानों पर हिज़्बुल्लाह और फ़िलिस्तीनी उग्रवादी संगठन हमास से जुड़ा ढांचा मौजूद था।
ये हमले इज़राइली सेना के अरबी भाषा के प्रवक्ता अविचाय अद्राए द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर चेतावनी जारी किए जाने के लगभग दो घंटे बाद हुए। उन्होंने पूर्वी बेक़ा घाटी के दो गांवों और दक्षिणी लेबनान के दो अन्य गांवों में हिज़्बुल्लाह और हमास से जुड़े ठिकानों पर हमले की चेतावनी दी थी। हालांकि, सैदा में हुए बाद के हमले को लेकर कोई पूर्व सूचना नहीं दी गई और इज़राइली सेना ने इस पर तुरंत कोई बयान जारी नहीं किया।
लेबनान की सरकारी नेशनल न्यूज़ एजेंसी के अनुसार, बेक़ा घाटी के मनारा गांव में जिस घर पर हमला हुआ, वह शरहबील अल-सैयद का था। अल-सैयद हमास का सैन्य कमांडर था, जिसे मई 2024 में इज़राइली ड्रोन हमले में मार दिया गया था।
इज़राइली चेतावनी के बाद संबंधित इलाकों को खाली करा लिया गया था, इसलिए उन हमलों में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। इससे पहले सोमवार को लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि दक्षिणी गांव ब्रैकेह में एक कार पर ड्रोन हमले में दो लोग घायल हुए। इज़राइली सेना ने कहा कि यह हमला हिज़्बुल्लाह के दो सदस्यों को निशाना बनाकर किया गया था।
लेबनान की सेना ने पिछले वर्ष फ़िलिस्तीनी संगठनों के निरस्त्रीकरण की प्रक्रिया शुरू की थी। सरकार का कहना है कि 2025 के अंत तक इज़राइल सीमा से सटे सभी इलाकों — जिन्हें दक्षिण लितानी क्षेत्र कहा जाता है — से हिज़्बुल्लाह की सशस्त्र मौजूदगी पूरी तरह समाप्त कर दी जाएगी।
लेबनान सरकार गुरुवार को होने वाली बैठक में हिज़्बुल्लाह के निरस्त्रीकरण पर चर्चा करेगी। इस बैठक में सेना प्रमुख जनरल रूडोल्फ हाइकल भी शामिल होंगे।
सोमवार के हवाई हमले लितानी नदी के उत्तर में स्थित गांवों में किए गए, जो इज़राइल की सीमा से काफ़ी दूर हैं।
हिज़्बुल्लाह और अन्य फ़िलिस्तीनी संगठनों के निरस्त्रीकरण की यह प्रक्रिया इज़राइल और हिज़्बुल्लाह के बीच 14 महीने चले युद्ध के बाद शुरू हुई, जिसमें ईरान समर्थित इस संगठन के राजनीतिक और सैन्य नेतृत्व को भारी नुकसान हुआ।
इज़राइल और हिज़्बुल्लाह के बीच ताज़ा युद्ध 8 अक्टूबर 2023 को शुरू हुआ था, जब हमास द्वारा दक्षिणी इज़राइल पर हमले के एक दिन बाद हिज़्बुल्लाह ने हमास के समर्थन में इज़राइल पर रॉकेट दागे थे। इसके बाद सितंबर 2024 में इज़राइल ने लेबनान पर व्यापक बमबारी और ज़मीनी सैन्य कार्रवाई की, जिससे हिज़्बुल्लाह काफ़ी कमजोर हो गया।
यह युद्ध नवंबर 2024 में अमेरिका की मध्यस्थता से हुए संघर्षविराम के साथ समाप्त हुआ।
इसके बाद से इज़राइल ने लगभग रोज़ाना हवाई हमले किए हैं। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त कार्यालय के अनुसार, इन हमलों में मुख्य रूप से हिज़्बुल्लाह के सदस्यों को निशाना बनाया गया, लेकिन अब तक कम से कम 127 नागरिक भी मारे जा चुके हैं।
(एपी) एएमएस
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