
जयपुर, 6 जनवरी (एजेंसी) विधायक स्थानीय क्षेत्र विकास योजना के तहत धन जारी करने के बदले कमीशन मांगने के आरोपी तीन विधायक मंगलवार को दूसरी बार राजस्थान विधानसभा की आचार समिति के समक्ष पेश हुए।
समिति के अध्यक्ष कैलाश वर्मा ने कहा कि विधायकों ने समिति के समक्ष सबूतों के साथ अपनी दलीलें पेश कीं। उन्होंने कहा, “समिति ने दोनों पक्षों को सुना है। विधायकों ने अपनी दलीलें और सबूत पेश किए और स्टिंग ऑपरेशन में शामिल पत्रकार को भी सुना गया।
उन्होंने कहा कि समिति किसी निर्णय पर पहुंचने से पहले सामग्री की विस्तार से जांच करेगी और आवश्यकता पड़ने पर कानूनी राय लेगी। वर्मा ने कहा, “विस्तृत अध्ययन और कानूनी परामर्श के बाद समिति एक स्पष्ट निष्कर्ष पर पहुंचेगी, जिसे विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष रखा जाएगा।
यह मामला एक समाचार पत्र की खबर से संबंधित है जिसमें आरोप लगाया गया था कि खिंवसर के भाजपा विधायक रेवंत राम डंगा, हिंडन की कांग्रेस विधायक अनीता जाटव और बयाना की निर्दलीय विधायक रितु बनावत ने अपने विकास कोष से कार्यों को मंजूरी देने के बदले कमीशन मांगा था। रिपोर्ट के बाद, नैतिकता समिति ने तीनों विधायकों को नोटिस जारी किए और 19 दिसंबर, 2025 को पहली सुनवाई की।
स्टिंग ऑपरेशन करने वाले पत्रकार को पिछले साल 20 दिसंबर को नैतिकता समिति ने सुना था।
राज्य सरकार ने आरोपों की जांच के लिए राज्य के मुख्य सतर्कता आयुक्त की अध्यक्षता में चार सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति का भी गठन किया था। अधिकारियों ने बताया कि जांच लंबित रहने के कारण तीनों विधायकों के एमएलएलैड खातों से लेनदेन को निलंबित कर दिया गया है। पीटीआई एजी एपीएल एपीएल
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