
बेंगलुरु, 7 जनवरी (पीटीआई) — मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने बुधवार को इतिहास रचते हुए दिवंगत देवरााज उर्स का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया और कर्नाटक के सबसे लंबे समय तक पद पर रहने वाले मुख्यमंत्री बन गए।
अपने दूसरे कार्यकाल में, 77 वर्षीय सिद्धारमैया ने 6 जनवरी को कुल 2,792 दिन पूरे कर उर्स के रिकॉर्ड की बराबरी की थी, और बुधवार को उसे पार कर लिया।
सामाजिक न्याय और भूमि सुधारों के प्रतीक माने जाने वाले देवरााज उर्स दो कार्यकाल तक मुख्यमंत्री रहे थे। उनका पहला कार्यकाल 20 मार्च 1972 से 31 दिसंबर 1977 तक 2,113 दिनों का था, जबकि दूसरा कार्यकाल 28 फरवरी 1978 से 7 जनवरी 1980 तक 679 दिनों का रहा।
सिद्धारमैया, जो उर्स के बाद एकमात्र ऐसे मुख्यमंत्री हैं जिन्होंने पूरा पांच साल का कार्यकाल पूरा किया, अपने पहले कार्यकाल में 13 मई 2013 से 15 मई 2018 तक कुल 1,829 दिन मुख्यमंत्री रहे। अपने दूसरे कार्यकाल में, जो 20 मई 2023 से शुरू हुआ, उन्होंने अब तक 963 दिन पूरे कर लिए हैं।
यह उपलब्धि ऐसे समय में आई है जब सत्तारूढ़ पार्टी के लिए हालात संवेदनशील बने हुए हैं। 20 नवंबर को पांच वर्षीय कार्यकाल का आधा सफर पूरा होने के बाद, सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डी के शिवकुमार के बीच कथित “सत्ता-साझेदारी” समझौते को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं।
सिद्धारमैया ने कहा कि उन्होंने राजनीति में किसी रिकॉर्ड को तोड़ने के उद्देश्य से प्रवेश नहीं किया था और उन्हें पूरा विश्वास है कि वह अपना पांच साल का कार्यकाल पूरा करेंगे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अंतिम निर्णय कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व के हाथ में है।
उपमुख्यमंत्री डी के शिवकुमार ने इस उपलब्धि को स्वीकार करते हुए सिद्धारमैया को “शुभकामनाएं” दीं।
सिद्धारमैया के करीबी कई मंत्रियों और कांग्रेस नेताओं ने भी उनके पूरे पांच साल का कार्यकाल पूरा करने को लेकर भरोसा जताया है।
इस उपलब्धि का जश्न सिद्धारमैया के समर्थकों और प्रशंसकों ने पूरे राज्य में दावतों का आयोजन कर मनाया, जिनमें कई जगहों पर उनकी पसंदीदा ‘नाटी कोली’ (देशी चिकन) भी परोसी गई। पीटीआई
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