नई दिल्ली, 7 जनवरी (पीटीआई) — प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को कहा कि स्वदेशी रूप से निर्मित प्रदूषण नियंत्रण पोत समुद्र प्रताप का कमीशनिंग भारत के आत्मनिर्भरता के दृष्टिकोण को मजबूत करता है और साथ ही समुद्री सुरक्षा तथा स्थिरता को भी सुदृढ़ करता है।
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट में कहा, “भारतीय तटरक्षक पोत (आईसीजीएस) समुद्र प्रताप का कमीशनिंग कई कारणों से महत्वपूर्ण है। यह हमारी आत्मनिर्भरता की सोच को मजबूती देता है, हमारी सुरक्षा व्यवस्था को सशक्त बनाता है और स्थिरता के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।”
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को इस पोत को कमीशन किया। समुद्र प्रताप भारत का पहला स्वदेशी प्रदूषण नियंत्रण पोत है और अब तक भारतीय तटरक्षक बल के बेड़े का सबसे बड़ा जहाज है।
यह पोत समुद्री प्रदूषण नियंत्रण नियमों के प्रवर्तन, समुद्री कानून व्यवस्था, खोज एवं बचाव अभियानों तथा भारत के विशेष आर्थिक क्षेत्र (ईईजेड) की सुरक्षा में अहम भूमिका निभाएगा।
इसका प्रमुख कार्य समुद्र में प्रदूषण से निपटना है, जिसके लिए इसमें अत्याधुनिक उपकरण लगाए गए हैं, जिनमें साइड-स्वीपिंग आर्म्स, फ्लोटिंग बूम्स, उच्च क्षमता वाले स्किमर्स, पोर्टेबल बार्ज और ऑनबोर्ड प्रदूषण नियंत्रण प्रयोगशाला शामिल हैं।
इसके अलावा, यह पोत बाहरी अग्निशमन प्रणाली से भी सुसज्जित है और इसमें डायनेमिक पोजिशनिंग, इंटीग्रेटेड ब्रिज और प्लेटफॉर्म मैनेजमेंट सिस्टम तथा स्वचालित पावर मैनेजमेंट सिस्टम जैसी उन्नत तकनीकें मौजूद हैं, जो परिचालन क्षमता को बढ़ाती हैं।
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