
लखनऊ, 7 जनवरी (PTI) — समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बुधवार को केंद्र पर ग्रामीण रोजगार योजना MGNREGA के लिए आवंटन लगातार कम करने का आरोप लगाया और कहा कि योजना का नाम बदलना इसे “समाप्त करने” की व्यापक कोशिश का हिस्सा है।
अखिलेश ने आरोप लगाया कि BJP का उद्देश्य केवल MGNREGA का नाम बदलना नहीं है, बल्कि योजना को ‘राम राम’ कहना (अर्थात पूरी तरह विदाई देना) है। उन्होंने कहा कि सत्ता वाली पार्टी “किसी और को अपनी जीविका कमाने सहन नहीं कर सकती।”
कांग्रेस समेत विपक्षी पार्टियाँ केंद्र पर नए लागू किए गए विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार और अजीविका मिशन (ग्रामीण) (VB-G RAM G), 2025 के खिलाफ हमलावर हैं, जिसने MGNREGA की जगह ली है।
X पर एक पोस्ट में यादव ने कहा, “MGNREGA का नाम बदलने से क्या हासिल होगा? असल में, यह BJP की गुप्त साजिश है कि धीरे-धीरे MGNREGA को खत्म किया जाए।” उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र ग्रामीण रोजगार योजना के लिए आवंटन लगातार घटा रहा है और राज्यों पर वित्तीय दबाव बढ़ा रहा है।
अखिलेश ने कहा, “एक तरफ BJP सरकार MGNREGA के बजट को न्यूनतम तक घटा रही है। दूसरी तरफ, राज्यों पर ऐसा दबाव बनाया गया है कि GST प्रणाली के तहत केंद्र से निधियों की अनुपलब्धता के कारण, खाली खजानों से जूझ रहे राज्य अतिरिक्त बजट की व्यवस्था नहीं कर पाएंगे।”
उन्होंने दावा किया कि इससे राज्यों को “खुद योजना को समाप्त करने की दिशा में बढ़ना पड़ेगा।”
अखिलेश ने यह भी आरोप लगाया कि BJP नेतृत्व वाली सरकार ने सैकड़ों ग्राम सभाओं को ‘शहरी श्रेणी’ में डालकर MGNREGA से जुड़े बजटीय समर्थन को खत्म कर दिया।
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को कहा कि जिन्होंने दशकों तक देश के संसाधनों को लूटा और गरीबों को भूख के कगार पर धकेला, अब वे ग्रामीण भारत को सशक्त बनाने वाले पारदर्शी सुधार पर सवाल उठा रहे हैं।
उन्होंने कहा, “VB-G RAM G अधिनियम भारत के कामगारों, किसानों और ग्रामीण विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगा, और उत्तर प्रदेश सरकार इसे पूरी तरह समर्थन करती है तथा इसके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए प्रतिबद्ध है।”
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