आंकड़ों में नहीं उलझेंगे, सरकार सभी के साथ खड़ी है: इंदौर जल-दूषण मौतों पर सीएम यादव

Indore: Madhya Pradesh Chief Minister Mohan Yadav meets an affected person undergoing treatment after consumption of contaminated water, at a hospital in Indore, Wednesday, Dec. 31, 2025. (PTI Photo)(PTI01_01_2026_000164B)

भोपाल, 7 जनवरी (PTI) — इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों के आंकड़ों को लेकर जारी भ्रम के बीच मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बुधवार को कहा कि उनकी सरकार आंकड़ों में नहीं जाएगी, बल्कि हर पीड़ित परिवार के साथ खड़ी रहेगी।

उन्होंने कहा, “एक भी जान का जाना हमारे लिए बेहद पीड़ादायक है। इसलिए हम आंकड़ों में नहीं उलझते। यह अलग बात है कि प्रशासन अपनी प्रक्रियाओं के अनुसार चलता है। आमतौर पर केवल उन्हीं मामलों को आधिकारिक आंकड़ों में शामिल किया जाता है, जिनमें पोस्टमार्टम हुआ हो।”

इंदौर के भगीरथपुरा इलाके में दूषित पानी से मौतों के मामले में मंगलवार को जिला प्रशासन ने 18 पीड़ितों के परिजनों को मुआवजा चेक बांटे, जबकि आधिकारिक तौर पर मौतों की संख्या सात ही बताई जा रही है। इसके बाद मौतों के आंकड़ों को लेकर भ्रम और गहरा गया।

मुख्यमंत्री यादव ने संवाददाताओं से कहा, “यह बेहद दुखद घटना है। लोग चाहे जो भी हों, राहत देने के मामले में हम आंकड़े नहीं देखेंगे। सरकार सभी के साथ खड़ी है।” उनसे इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों की वास्तविक संख्या को लेकर सवाल किया गया था।

इंदौर संभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग के अनुसार अब तक सात मौतों की पुष्टि हुई है, जबकि कुछ अधिकारी दूषित पानी से जुड़ी मौतों की संख्या छह बता रहे हैं।

इससे पहले, इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने 2 जनवरी को कहा था कि दूषित पानी से फैले डायरिया प्रकोप में 10 मरीजों की मौत की सूचना उन्हें मिली है। स्थानीय लोगों का दावा है कि इस प्रकोप में छह माह के एक बच्चे समेत 17 लोगों की जान जा चुकी है। इंदौर को देश का सबसे स्वच्छ शहर माना जाता है।

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