
मेरठ (यूपी), 7 जनवरी (PTI) — विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) ने बुधवार को जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) परिसर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य के खिलाफ लगाए गए नारों की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर “अराजकता” को जायज़ नहीं ठहराया जा सकता।
यहां जारी एक बयान में वीएचपी के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा कि शैक्षणिक संस्थानों में ऐसी मानसिकता के प्रति लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता है।
कुमार ने कहा कि दिल्ली दंगों के आरोपी उमर खालिद और शरजील इमाम को जमानत न मिलने के बाद देर रात जेएनयू परिसर का माहौल बिगाड़ा गया और लगाए गए नारे “दुर्भाग्यपूर्ण, शर्मनाक और कायरतापूर्ण” थे।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय परिसर का उपयोग राजनीतिक उकसावे और अपमानजनक नारों के लिए करना देश की शैक्षणिक परंपराओं के खिलाफ है।
वीएचपी नेता ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट रूप से कहा है कि अभियोजन पक्ष के पास दोनों आरोपियों को दिल्ली दंगों से जोड़ने वाले प्रत्यक्ष और पुष्ट साक्ष्य हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अदालत ने 2020 में दिल्ली में हिंदुओं पर कथित योजनाबद्ध हमलों के पीछे बड़ी साजिश में उनकी “केंद्रीय और अहम भूमिका” का भी संज्ञान लिया है।
कुमार ने कहा कि उमर खालिद और शरजील इमाम पर देश की एकता और क्षेत्रीय अखंडता के खिलाफ साजिश समेत गंभीर आरोप हैं। ऐसे मामलों में न्यायिक प्रक्रिया का सम्मान करना और मुकदमे के परिणाम की प्रतीक्षा करना ही एकमात्र लोकतांत्रिक रास्ता है।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता किसी को कानून हाथ में लेने या हिंसा व नफरत को बढ़ावा देने का अधिकार नहीं देती। “कब्र खोदने” जैसे नारों को उन्होंने न सिर्फ “अशोभनीय” बल्कि “आपराधिक” भी बताया।
जेएनयू प्रशासन द्वारा एफआईआर दर्ज किए जाने का स्वागत करते हुए कुमार ने निष्पक्ष जांच और दोषियों को कानून के अनुसार कड़ी सजा देने की मांग की। उन्होंने कहा कि ऐसे घटनाक्रम यह याद दिलाते हैं कि आंतरिक खतरों के प्रति सतर्क रहना ही स्वतंत्रता की कीमत है।
सोमवार को हुए विरोध प्रदर्शन के एक कथित वीडियो में छात्रों को प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ नारे लगाते हुए देखा गया था, जब सुप्रीम कोर्ट ने 2020 के दिल्ली दंगों की साजिश मामले में खालिद (पूर्व जेएनयू छात्र नेता) और इमाम को जमानत देने से इनकार कर दिया था।
जेएनयू प्रशासन ने कहा कि इस मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है और “आपत्तिजनक नारे” लगाने वाले छात्रों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। किसी भी गैरकानूनी आचरण या राष्ट्रविरोधी गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
श्रेणी: ब्रेकिंग न्यूज़
एसईओ टैग्स: #स्वदेशी, #न्यूज़, जेएनयू में पीएम और गृह मंत्री के खिलाफ नारे निंदनीय, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर अराजकता स्वीकार्य नहीं: वीएचपी
