2011 लोकपाल आंदोलन से जुड़े अन्ना हज़ारे के दस्तावेज़ PMML में सुरक्षित रखे जाएंगे

**EDS: THIRD PARTY IMAGE** In this image posted on Nov. 7, 2025, Maharashtra Deputy Chief Minister Eknath Shinde felicitates social activist Anna Hazare during a meeting, at Ralegan Siddhi village in Ahilyanagar district. (@mieknathshinde/X via PTI Photo)(PTI11_07_2025_000418B)

पुणे, 8 जनवरी (पीटीआई) — वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हज़ारे के पत्राचार और महत्वपूर्ण दस्तावेज़ अब नई दिल्ली स्थित प्रधानमंत्री संग्रहालय एवं पुस्तकालय (PMML) के अभिलेखागार में सुरक्षित रखे जाएंगे। यह कदम सामाजिक सुधार, ग्रामीण विकास और भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलनों — विशेष रूप से 2011 के ऐतिहासिक लोकपाल आंदोलन — में उनके योगदान को मान्यता देने के लिए उठाया गया है, उनके एक करीबी सहयोगी ने बताया।

अन्ना हज़ारे के सहयोगी दत्ता अवारी के अनुसार, PMML की एक टीम, जिसमें नीरज कुमार और जितुमणि शर्मा शामिल थे और जो एसोसिएट डायरेक्टर रवि मिश्रा के मार्गदर्शन में काम कर रही है, बुधवार को महाराष्ट्र के अहिल्यानगर जिले में स्थित हज़ारे के पैतृक गांव रालेगण सिद्धि पहुंची और दस्तावेज़ों के संग्रहण की प्रक्रिया शुरू की।

इन अभिलेखों में अन्ना हज़ारे के सामाजिक कार्यों, नई दिल्ली में हुए 2011 के लोकपाल आंदोलन, ग्राम विकास पहलों, जल संरक्षण प्रयासों और भ्रष्टाचार विरोधी अभियानों से संबंधित सामग्री शामिल है। इन दस्तावेज़ों को ऐतिहासिक और शैक्षणिक शोध के लिए PMML के अभिलेखागार में संरक्षित किया जाएगा।

पूर्व सैनिक रहे अन्ना हज़ारे, जो अब अपने 80 के दशक में हैं, ने वर्षों से ग्रामीण विकास को बढ़ावा देने, सरकारी कार्यप्रणाली में पारदर्शिता लाने और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए कई जनआंदोलनों का नेतृत्व किया है। उन्हें भारत सरकार द्वारा पद्म भूषण, देश का तीसरा सर्वोच्च नागरिक सम्मान, भी प्रदान किया जा चुका है।

PMML अधिकारियों के हवाले से जारी एक विज्ञप्ति में कहा गया कि लोकपाल आंदोलन में नेतृत्व और ग्रामीण विकास व भ्रष्टाचार विरोधी संघर्ष में लंबे योगदान के कारण अन्ना हज़ारे के ये दस्तावेज़ अकादमिक और ऐतिहासिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण होंगे।

प्रधानमंत्री संग्रहालय एवं पुस्तकालय एक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित स्वायत्त शैक्षणिक संस्था है, जो आधुनिक और समकालीन भारतीय इतिहास पर शोध में संलग्न है। इसके अभिलेखागार में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (AICC), जनता पार्टी, डीएवी कॉलेज ट्रस्ट एवं प्रबंधन सोसायटी जैसे संगठनों के संग्रह के साथ-साथ जवाहरलाल नेहरू, महात्मा गांधी, श्यामा प्रसाद मुखर्जी, चरण सिंह, चंद्रशेखर और जयप्रकाश नारायण जैसी प्रमुख हस्तियों के निजी दस्तावेज़ भी संरक्षित हैं।

विज्ञप्ति के अनुसार, इन अभिलेखों में मूल पत्राचार, डायरियां, अप्रकाशित दस्तावेज़, नोट्स, भाषण और लेख शामिल हैं। साथ ही, PMML इन सामग्रियों को शोधकर्ताओं के लिए सुलभ बनाने के उद्देश्य से बड़े पैमाने पर डिजिटलीकरण परियोजना भी चला रहा है। (पीटीआई)

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