नाबालिग द्वारा यौन उत्पीड़न का आरोप लगने के बाद एनआरएआई ने राष्ट्रीय कोच को निलंबित किया

नई दिल्ली, 8 जनवरी (पीटीआई) भारत की शूटिंग कोचिंग टीम के एक प्रमुख सदस्य अंकुश भारद्वाज पर एक नाबालिग महिला निशानेबाज़ ने यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है, जिसके बाद राष्ट्रीय महासंघ ने उन्हें निलंबित कर दिया है।

राष्ट्रीय राइफल संघ (एनआरएआई) ने पुष्टि की है कि भारद्वाज के खिलाफ फरीदाबाद में एफआईआर दर्ज की गई है।

एनआरएआई के सचिव राजीव भाटिया ने पीटीआई से कहा, “एनआरएआई ने उन्हें निलंबित कर दिया है और हम उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी करेंगे।”

उन्होंने कहा, “उन्हें नैतिक आधार पर निलंबित किया गया है। अब उन्हें खुद को निर्दोष साबित करना होगा। जांच पूरी होने तक वे किसी भी कोचिंग गतिविधि से जुड़े नहीं रहेंगे।”

भाटिया ने बताया कि 2024 में पेरिस ओलंपिक के बाद गठित 37 सदस्यीय कोचिंग टीम के लिए एनआरएआई ने भारद्वाज के नाम की सिफारिश की थी।

उन्होंने कहा, “एनआरएआई की सिफारिश पर ही भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) ने उन्हें कोच के रूप में नियुक्त किया था। यह सूरजकुंड में हुए यौन उत्पीड़न का मामला है।”

भाटिया ने यह नहीं बताया कि घटना कब हुई, लेकिन पीड़िता द्वारा दर्ज कराई गई एफआईआर के अनुसार, पिछले महीने कर्णी सिंह रेंज में एक प्रशिक्षण सत्र के बाद उसे निशाना बनाया गया।

पीड़ित लड़की, जो पिछले वर्ष अगस्त से भारद्वाज के साथ प्रशिक्षण ले रही थी, ने कहा कि वह इस घटना से मानसिक रूप से आहत हो गई थी और लगातार पूछताछ किए जाने के बाद उसने 1 जनवरी को अपनी मां के सामने इस बारे में बताया।

पूर्व पिस्टल निशानेबाज़ भारद्वाज अपने प्रतिस्पर्धी करियर के दौरान 2010 में बीटा-ब्लॉकर के इस्तेमाल के कारण डोपिंग प्रतिबंध का सामना कर चुके हैं।

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