
नई दिल्ली, 8 जनवरी (पीटीआई) कांग्रेस ने गुरुवार को कहा कि भारत–अमेरिका संबंध “उथल-पुथल के दौर” से गुजर रहे हैं और हर दिन एक “नई चुनौती” सामने आ रही है। पार्टी की यह प्रतिक्रिया अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ऐसे प्रतिबंध विधेयक का समर्थन किए जाने के बाद आई है, जिसके तहत रूसी तेल खरीदने वाले देशों पर 500 प्रतिशत तक शुल्क लगाया जा सकता है।
कांग्रेस महासचिव (संचार प्रभारी) जयराम रमेश ने कहा कि प्रधानमंत्री की तुष्टीकरण वाली सोशल मीडिया पोस्टों के बावजूद भारत–अमेरिका रिश्तों में एक “नया असामान्य दौर” देखने को मिल रहा है।
उन्होंने एक्स पर कहा, “राष्ट्रपति ट्रंप के करीबी सहयोगी सीनेटर लिंडसे ग्राहम एक ऐसे विधेयक को आगे बढ़ा रहे हैं, जिसके तहत रूस के साथ व्यापार और अन्य संबंधों को लेकर भारत पर कड़े नए प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं। इससे पहले सीनेटर बर्नी मोरेनो ने एक विधेयक पेश किया था, जिसमें आउटसोर्सिंग भुगतान करने वाली अमेरिकी कंपनियों पर 25 प्रतिशत कर लगाने का प्रस्ताव है।”
कांग्रेस नेता ने कहा कि भारत की असहजता को और बढ़ाते हुए राष्ट्रपति ट्रंप लगातार पाकिस्तान के फील्ड मार्शल असीम मुनीर की खुलकर प्रशंसा कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “द्विपक्षीय संबंधों में निस्संदेह एक ‘नया असामान्य’ माहौल है। प्रधानमंत्री की तुष्टीकरण वाली पोस्टों के बावजूद हर दिन एक नई चुनौती सामने आ रही है।”
डोनाल्ड ट्रंप ने उस प्रतिबंध विधेयक का समर्थन किया है, जिसके तहत रूसी तेल खरीदने वाले देशों पर 500 प्रतिशत तक शुल्क लगाया जा सकता है। इससे व्हाइट हाउस को चीन और भारत जैसे देशों पर दबाव बनाने का एक बड़ा हथियार मिल जाएगा, ताकि वे मॉस्को से सस्ता तेल खरीदना बंद करें।
अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने बुधवार को कहा कि यह कानून चीन, भारत और ब्राजील जैसे देशों के खिलाफ “बेहद प्रभावी दबाव” बनाने में मदद करेगा, जिससे उन्हें रूस से सस्ता तेल खरीदने से रोका जा सके।
ग्राहम ने बुधवार को एक्स पर लिखा, “आज राष्ट्रपति ट्रंप के साथ कई मुद्दों पर बेहद सकारात्मक बैठक के बाद उन्होंने उस द्विदलीय रूस प्रतिबंध विधेयक को हरी झंडी दे दी है, जिस पर मैं महीनों से सीनेटर ब्लूमेंथल और अन्य सहयोगियों के साथ काम कर रहा हूं।”
उन्होंने कहा, “यह सही समय पर आया है, क्योंकि यूक्रेन शांति के लिए रियायतें दे रहा है और पुतिन केवल बातें कर रहे हैं, जबकि निर्दोष लोगों की हत्या जारी है। यह विधेयक राष्ट्रपति ट्रंप को उन देशों को दंडित करने का अधिकार देगा, जो सस्ता रूसी तेल खरीदकर पुतिन की युद्ध मशीन को ईंधन दे रहे हैं।”
ग्राहम ने उम्मीद जताई कि इस विधेयक को जल्द ही, संभवतः अगले सप्ताह, द्विदलीय समर्थन के साथ पारित किया जाएगा।
गौरतलब है कि ट्रंप पहले ही भारत पर 50 प्रतिशत तक शुल्क लगा चुके हैं, जो दुनिया में सबसे ऊंचे शुल्कों में शामिल हैं। इनमें रूसी ऊर्जा की खरीद को लेकर लगाया गया 25 प्रतिशत शुल्क भी शामिल है।
इससे पहले सप्ताह में ग्राहम ने कहा था कि अमेरिका में भारत के राजदूत विनय क्वात्रा ने उन्हें बताया है कि भारत ने रूसी तेल की खरीद कम की है और उनसे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप तक यह संदेश पहुंचाने को कहा है कि भारत पर लगाए गए शुल्क में राहत दी जाए।
रविवार को एयर फोर्स वन में ट्रंप के साथ यात्रा करते हुए ग्राहम अपने प्रस्तावित टैरिफ विधेयक पर बात कर रहे थे। उन्होंने कहा था कि रूस–यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के लिए राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के ग्राहकों पर दबाव डालना जरूरी है। इस पर ट्रंप ने कहा कि प्रतिबंध रूस को बुरी तरह नुकसान पहुंचा रहे हैं और फिर उन्होंने भारत का उल्लेख किया। इसके बाद ग्राहम ने कहा कि अमेरिका ने रूसी तेल खरीदने को लेकर भारत पर 25 प्रतिशत शुल्क लगाया है।
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