SBI रिपोर्ट: वित्तीय वर्ष 2025-26 में GDP 7.5% बढ़ने की संभावना

नई दिल्ली, 8 जनवरी (पीटीआई)

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत की अर्थव्यवस्था 2025-26 में 7.5 प्रतिशत की वृद्धि दर के साथ बढ़ने की संभावना है, जो राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) के 7.4 प्रतिशत के अनुमान से थोड़ी अधिक है।

राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) द्वारा बुधवार को जारी पहले अग्रिम अनुमान (First Advance Estimates) के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2025-26 में GDP वृद्धि दर 7.4 प्रतिशत रहेगी, जबकि पिछले वित्तीय वर्ष में यह 6.5 प्रतिशत थी। भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने वृद्धि दर को 7.3 प्रतिशत के रूप में अनुमानित किया है।

सकल मूल्य वर्धित (GVA) वृद्धि दर 7.3 प्रतिशत और नाममात्र GDP का विस्तार 8 प्रतिशत रहने का अनुमान है।

SBI की आर्थिक अनुसंधान विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, ऐतिहासिक रूप से रिज़र्व बैंक और NSO के अनुमान में 20-30 आधार अंक का अंतर होता है, इसलिए 7.4 प्रतिशत का अनुमान अपेक्षित और उचित माना जा सकता है।

रिपोर्ट में कहा गया, “हम मानते हैं कि FY26 के लिए GDP वृद्धि लगभग 7.5 प्रतिशत होगी, जिसमें ऊपर की ओर झुकाव रहेगा। दूसरे अग्रिम अनुमान (Second Advance Estimates), जो अतिरिक्त डेटा और संशोधनों को शामिल करेंगे, 27 फरवरी, 2026 को जारी होने हैं। इसलिए ये सभी आंकड़े 2022-23 के आधार सुधार के साथ बदल सकते हैं।”

राजकोषीय घाटे (Fiscal Deficit) पर रिपोर्ट में कहा गया कि नवंबर 2025 के अंत में यह 9.8 लाख करोड़ रुपये या बजट अनुमान का 62.3 प्रतिशत था।

रिपोर्ट के अनुसार, “हम मानते हैं कि FY26 के लिए कर राजस्व बजट के अनुसार कम हो सकता है, लेकिन गैर-कर राजस्व अधिक होने की संभावना है, जिससे कुल राजस्व पर ज्यादा असर नहीं पड़ेगा।”

कुल व्यय भी अपेक्षाकृत कम रहने की संभावना है, जिससे राजकोषीय घाटा 15.85 लाख करोड़ रुपये रहेगा, जबकि बजट में यह 15.69 लाख करोड़ रुपये निर्धारित था।

नई GDP संख्या के साथ, GDP के प्रतिशत के रूप में राजकोषीय घाटा 4.4 प्रतिशत पर अपरिवर्तित रहने की संभावना है।

(पीटीआई) NKD NKD ANU ANU

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