ढाका, 9 जनवरी (पीटीआई) – बांग्लादेश के पूर्व कप्तान तमिम इकबाल ने बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) से कहा है कि अगले महीने भारत में होने वाले टी20 वर्ल्ड कप में राष्ट्रीय टीम की भागीदारी के निर्णय में सार्वजनिक भावना से प्रभावित न हो। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसी भावनात्मक निर्णय से अगले दस वर्षों में असर पड़ सकता है।
बांग्लादेश ने फरवरी 7 से शुरू होने वाले टूर्नामेंट के लिए भारत दौरे में अनिच्छा जताई है और सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए अपने मैच को सह-आयोजक श्रीलंका में स्थानांतरित करने की मांग की है। यह विवाद तब बढ़ा जब बांग्लादेश के तेज गेंदबाज मुस्ताफिजुर रहमान को हाल ही में भारत में हिंदुओं पर हमलों के बीच BCCI के निर्देश पर कोलकाता नाइट राइडर्स ने रिलीज़ कर दिया।
तमिम ने क्रिकबज से बातचीत में कहा, “स्थिति गंभीर है और अचानक सार्वजनिक बयान देना मुश्किल है। कई मुद्दों को संवाद के जरिए हल किया जा सकता है यदि सभी पक्ष एक साथ आएं।”
उन्होंने बांग्लादेश क्रिकेट के दीर्घकालिक भविष्य पर ध्यान देने और BCB की निर्णय प्रक्रिया में स्वतंत्रता बनाए रखने का महत्व बताया। उन्होंने कहा, “अगर बोर्ड को कोई निर्णय सही लगता है, तो उसे लेना चाहिए। जनता की राय हमेशा अलग-अलग होगी। केवल भावनाओं पर आधारित निर्णय किसी बड़ी संस्था का मार्गदर्शन नहीं कर सकते।”
तमिम ने BCB और सरकार द्वारा बार-बार सार्वजनिक बयान जारी करने की भी आलोचना की, जिससे अनावश्यक अस्थिरता पैदा होती है। उन्होंने कहा, “एक बार आंतरिक चर्चाओं के बाद अंतिम निर्णय हो जाने पर उसे सार्वजनिक किया जाना चाहिए। हर कदम की घोषणा भ्रम पैदा करती है और बोर्ड की विश्वसनीयता कमजोर करती है।”
36 वर्षीय तमिम इकबाल, जिन्होंने 70 टेस्ट, 243 वनडे और 78 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं, ने निष्कर्ष निकाला कि बांग्लादेश क्रिकेट के दीर्घकालिक हित और खिलाड़ियों की भलाई को अल्पकालिक विचारों पर प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
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