शिमला, 9 जनवरी (पीटीआई) – हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने शुक्रवार को राज्य सरकार की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें पंचायत राज संस्थाओं (PRI) के चुनाव छह महीने के लिए टालने की मांग की गई थी। अदालत ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि पंचायत राज और शहरी निकायों के चुनाव 30 अप्रैल 2026 से पहले कराए जाएं।
यह आदेश न्यायमूर्ति विवेक ठाकुर और न्यायमूर्ति रोमेश वर्मा की खंडपीठ ने अधिवक्ता मंदीप चंदेल द्वारा दायर जनहित याचिका (PIL) का निपटारा करते हुए दिया। याचिका में चुनाव टालने के फैसले को चुनौती दी गई थी। कोर्ट ने राज्य निर्वाचन आयोग और राज्य सरकार को 28 फरवरी तक पूरी चुनावी प्रक्रिया पूरी करने का भी निर्देश दिया।
राज्य सरकार ने अदालत में दलील दी थी कि हाल की आपदाओं के कारण सार्वजनिक और निजी संपत्तियों, सड़कों को भारी नुकसान हुआ है और राज्य में आपदा प्रबंधन अधिनियम लागू है, इसलिए जमीनी हालात सुधरने तक चुनाव प्रक्रिया रोकी जाए।
हालांकि, हाईकोर्ट ने लगातार तीन दिनों तक दलीलें सुनने के बाद सरकार की मांग को स्वीकार नहीं किया और चुनाव समय पर कराने का आदेश दिया।
याचिकाकर्ता की ओर से पेश हुए अधिवक्ता नंद लाल ने बताया कि अदालत ने मार्च में स्कूलों की बोर्ड परीक्षाओं को ध्यान में रखते हुए यह समयसीमा तय की है, क्योंकि उस दौरान मतदान केंद्र बनाना व्यावहारिक नहीं होगा। इसलिए अदालत ने निर्देश दिया कि चुनाव अप्रैल के अंत तक पूरे किए जाएं।
राज्य सरकार ने तर्क दिया था कि आपदा और प्रशासनिक चुनौतियों के कारण चुनाव कराने में कम से कम छह महीने का समय लगेगा, लेकिन अदालत ने इस दलील को खारिज कर दिया।
राज्य निर्वाचन आयोग ने भी कहा कि चुनावों को और टालने से समस्याएं बढ़ेंगी, क्योंकि मई से जनगणना का कार्य शुरू होगा और जुलाई-अगस्त के मानसून महीनों में चुनाव कराना लगभग असंभव हो जाएगा।
पंचायत राज संस्थाओं का पांच साल का कार्यकाल 31 जनवरी 2026 को समाप्त हो रहा है, जबकि राज्य के 50 शहरी निकायों का कार्यकाल 18 जनवरी को खत्म होगा। राज्य में कुल 3,577 ग्राम पंचायतें, 90 पंचायत समितियां, 11 जिला परिषद और 71 शहरी निकाय हैं।
विपक्षी दलों ने भी चुनाव टालने के फैसले की आलोचना करते हुए आरोप लगाया था कि सरकार चुनावों से बच रही है और जनता का सामना नहीं करना चाहती।
श्रेणी: ब्रेकिंग न्यूज़
SEO टैग्स: #स्वदेशी, #समाचार, हिमाचल हाईकोर्ट, पंचायत चुनाव, पंचायत राज संस्थान, शहरी निकाय चुनाव

