लगातार भूकंप से हिली राजकोट की धरती; अधिकारियों ने कहा, अब तक कोई नुकसान नहीं

EARTHQUAKE TREMOR

राजकोट, 9 जनवरी (PTI) — गुजरात के सौराष्ट्र क्षेत्र में गुरुवार रात से शुक्रवार दोपहर तक 2.6 से 3.8 तीव्रता तक के कम से कम 12 भूकंपीय झटके महसूस किए गए, जिससे राजकोट जिले के तीन तालुकों में लोगों में डर फैल गया। कई लोग सावधानी के तौर पर खुले मैदानों में चले गए।

राजकोट के कलेक्टर ओम प्रकाश ने बताया कि जिले के उपलेटा, धोरेजी और जेटपुर तालुकों में कुल 21 झटके रिकॉर्ड किए गए, जिनकी तीव्रता 1.4 से 3.8 के बीच रही।

अधिकारियों ने कहा कि अब तक किसी जान-माल का नुकसान नहीं हुआ है।

पहला झटका 3.3 तीव्रता का 8:43 बजे गुरुवार शाम को उपलेटा शहर के पास रिकॉर्ड किया गया। गांधीनगर स्थित भूकंपीय अनुसंधान संस्थान (ISR) ने 12 झटके रिकॉर्ड किए, जिनके केन्द्र उपलेटा से 27 से 30 किमी पूर्वोत्तर में स्थित थे।

भूकंप के इस ‘स्वार्म’ (सिरिज ऑफ स्माल अर्थक्वेक) के कारण उपलेटा, धोरेजी और जेटपुर तालुकों के लोग भयभीत हैं। स्थानीय लोगों ने कहा कि पहले झटके के बाद वे घरों से बाहर भाग गए और कई बार झटके महसूस होने पर खुले मैदानों में शरण ली।

कलेक्टर प्रकाश ने कहा कि प्रशासन ने प्रभावित तालुकों में कमजोर इमारतों की पहचान की है और लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है। “हमने स्कूलों में शिक्षकों, तालाठियों और सरपंचों को पुराने भवनों की पहचान के बाद सूचित किया है। सभी आंगनवाड़ी और पुराने भवनों वाले स्कूलों में पूरे दिन की छुट्टी घोषित की गई है।”

विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे झटकों को स्वार्म प्रकार की भूकंपीय गतिविधि कहा जाता है, जो पहले से मौजूद दरारों में पानी के प्रवेश से उत्पन्न होते हैं। इससे दबाव बनता है और तनाव रिलीज होकर भूकंप का रूप लेता है। आम तौर पर ये झटके कम तीव्रता के होते हैं, इसलिए नुकसान की संभावना कम होती है।

श्रेणी: ब्रेकिंग न्यूज़

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