
शिमला, 9 जनवरी (पीटीआई) हिमाचल प्रदेश सरकार का मानना है कि आवास केवल एक बुनियादी आवश्यकता ही नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का सामाजिक अधिकार भी है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुखू ने शुक्रवार को कहा कि उनकी सरकार पात्र गरीब परिवारों को स्थायी (पक्का) आवास उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
यहां पंचायती राज विभाग की एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य केवल घरों का निर्माण करना ही नहीं, बल्कि गरीब परिवारों को सम्मानजनक जीवन स्तर भी प्रदान करना है।
उन्होंने कहा कि बुनियादी सुविधाओं, स्वच्छता, पेयजल और आजीविका के अवसरों पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि पंचायती राज विभाग को मजबूत करने के लिए उसमें खाली पड़े पदों को प्राथमिकता के आधार पर भरा जाएगा। इसके अलावा पंचायतों में कनिष्ठ अभियंताओं (जूनियर इंजीनियर) के पद भी भरे जाएंगे।
उन्होंने कहा कि वंचित, उपेक्षित और समाज के कमजोर वर्गों को मुख्यधारा में लाने के लिए सामाजिक सशक्तिकरण क्षेत्र को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। इस दिशा में कई कल्याणकारी योजनाओं को प्रभावी रूप से लागू किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को विभिन्न योजनाओं की प्रगति की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए और कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही या देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सुखू ने दोहराया कि जनकल्याण सरकार की प्राथमिकता है और विकास के लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना ही “प्रणालीगत परिवर्तन” की मूल भावना है। (पीटीआई)
श्रेणी: ब्रेकिंग न्यूज़
एसईओ टैग्स: #स्वदेशी, #समाचार, #हिमाचलप्रदेश
