नई दिल्ली, 9 जनवरी (पीटीआई) दिल्ली के उपराज्यपाल वी. के. सक्सेना के निर्देश पर दिल्ली पुलिस ने राष्ट्रीय राजधानी में सड़क किनारे बॉक्स पार्किंग के लिए 56 स्थानों की पहचान की है, ताकि भीड़भाड़ कम की जा सके और व्यस्त सड़कों पर यातायात प्रवाह में सुधार हो सके। यह जानकारी एक बयान में दी गई।
बयान के अनुसार, इन पार्किंग स्थलों पर लगभग 3,000 वाहनों की क्षमता है। ये स्थल चांदनी चौक, कमला नगर मार्केट, विकास मार्ग, नेताजी सुभाष प्लेस, गांधी नगर, रोहिणी, मालवीय नगर, द्वारका और यूसुफ सराय जैसे अधिक भीड़भाड़ वाले इलाकों में स्थित हैं।
इस पहल का उद्देश्य यातायात की सुचारू आवाजाही सुनिश्चित करना, पार्किंग को व्यवस्थित करना और एंबुलेंस तथा दमकल वाहनों जैसे आपातकालीन वाहनों की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करना है।
यह कदम दिल्ली ट्रैफिक पुलिस को प्राप्त उन कई शिकायतों के बाद उठाया गया है, जिनमें विशेष रूप से भीड़भाड़ वाले बाजार क्षेत्रों में अव्यवस्थित पार्किंग के कारण गंभीर जाम की समस्या बताई गई थी। इसके बाद उपराज्यपाल ने पुलिस आयुक्त को समस्या वाले मार्गों की पहचान करने और पार्किंग से जुड़ी भीड़ को दूर करने के लिए पर्याप्त पार्किंग सुविधाएं विकसित करने के निर्देश दिए थे।
बयान में कहा गया कि बॉक्स पार्किंग के माध्यम से कुल 2,984 वाहनों की पार्किंग क्षमता तैयार की गई है। चिन्हित 56 स्थानों में से 50 स्थानों पर पुलिस विभाग ने अपने संसाधनों से पार्किंग बॉक्स की मार्किंग पूरी कर ली है।
इन सड़कों में से 46 लोक निर्माण विभाग (PWD), चार दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA), तीन नगर निगम (MCD) और तीन अन्य एजेंसियों के अंतर्गत आती हैं।
जिलेवार आंकड़ों के अनुसार, पूर्वी जिले में 14, उत्तरी में 11, दक्षिणी में 10, मध्य दिल्ली में नौ और पश्चिमी व नई दिल्ली जिलों में छह-छह स्थान चिन्हित किए गए हैं।
इनमें मयूर विहार फेज-द्वितीय, वजीराबाद रोड, अंसारी रोड, गांधी नगर पुश्ता रोड, चांदनी चौक मार्केट (फतेहपुरी मस्जिद से सदर थाना), कैलाश कॉलोनी, एनएसपी से मधुबन चौक, लिबासपुर से मुकरबा चौक, पूर्वी रोहिणी से पश्चिमी रोहिणी मेट्रो स्टेशन, सेक्टर चार से सेक्टर 12 द्वारका, नजफगढ़ रोड, ओखला और यूसुफ सराय जैसे मार्ग शामिल हैं।
बयान में कहा गया, “सड़कों पर चिन्हित पार्किंग बॉक्स से व्यवस्थित पार्किंग, बेहतर यातायात प्रवाह, स्थान का इष्टतम उपयोग, नियमों के बेहतर पालन, सड़क सुरक्षा में सुधार और आपातकालीन वाहनों की त्वरित पहुंच सुनिश्चित होगी, साथ ही वाहन प्रदूषण कम करने में भी मदद मिलेगी।”

