कमल हासन ने फिल्म सर्टिफिकेशन प्रोसेस पर ‘सैद्धांतिक रूप से फिर से विचार’ करने की मांग की।

New Delhi: Rajya Sabha MP Kamal Haasan during the all-party meeting ahead of Parliament's winter session, in New Delhi, Sunday, Nov. 30, 2025. (PTI Photo/Salman Ali )(PTI11_30_2025_000076B)

चेन्नई, 10 जनवरी (पीटीआई) एक्टर-पॉलिटिशियन कमल हासन ने शनिवार को देश की फिल्म सर्टिफिकेशन प्रक्रिया में बदलाव की मांग की, और ज़्यादा पारदर्शिता और जवाबदेही की ज़रूरत बताई।

उनकी यह टिप्पणी तमिल फिल्म इंडस्ट्री के लिए एक अहम समय पर आई है, जब विजय की आने वाली फिल्म ‘जना नायकन’ की रिलीज़ रुक गई है।

एक बयान में उन्होंने कहा, “अब ज़रूरत है सर्टिफिकेशन प्रक्रियाओं पर सिद्धांतों के आधार पर फिर से विचार करने की, जिसमें सर्टिफिकेशन के लिए तय समय-सीमा, पारदर्शी मूल्यांकन, और हर सुझाए गए कट या एडिट के लिए लिखित, तर्कसंगत स्पष्टीकरण हो।” उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि अब फिल्म इंडस्ट्री के लोगों को एकजुट होकर कलात्मक स्वतंत्रता की रक्षा के लिए हमारी सरकारी संस्थाओं के साथ “एक सार्थक, रचनात्मक बातचीत” करनी चाहिए।

राज्यसभा में संसद सदस्य हासन ने आगे कहा, “ऐसा सुधार रचनात्मक स्वतंत्रता की रक्षा करेगा, संवैधानिक मूल्यों को बनाए रखेगा, और अपने कलाकारों और लोगों पर विश्वास जताकर भारत की लोकतांत्रिक संस्थाओं को मज़बूत करेगा।” पीटीआई विजय रोह

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