सोमनाथ में मेगा ड्रोन शो, 3डी में दिखाया गया मंदिर और विशाल शिव आकृति; प्रधानमंत्री मोदी रहे मौजूद

**EDS: THIRD PARTY IMAGE** In this image released on Jan. 10, 2026, drones light the sky during the 'Somnath Swabhiman Parv' celebration at the Somnath Temple, in Gir Somnath district, Gujarat. (PMO via PTI Photo) (PTI01_10_2026_000525B)

सोमनाथ (गुजरात), 11 जनवरी (पीटीआई): भगवान शिव और विशाल ‘शिवलिंग’ की भव्य आकृतियों तथा सोमनाथ मंदिर के 3डी चित्रण सहित कई नियोजित विषयगत संरचनाओं वाले एक मेगा ड्रोन शो ने शनिवार रात यहां प्राचीन मंदिर के पास आसमान को रोशन कर दिया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, जो मंदिर नगरी के दो दिवसीय दौरे पर शनिवार शाम यहां पहुंचे, ने इस शो को देखा। अधिकारियों के अनुसार यह कार्यक्रम सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के तहत आयोजित किया गया।

करीब 15 मिनट तक चले इस शो के दौरान एक संरचना में गुजरात के गिर सोमनाथ जिले में स्थित ऐतिहासिक मंदिर को पिछले एक हजार वर्षों में झेलनी पड़ी तबाही को भी दर्शाया गया।

प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने शुक्रवार को कहा कि स्वाभिमान पर्व महमूद गजनवी द्वारा सोमनाथ मंदिर पर किए गए आक्रमण के 1,000 वर्ष पूरे होने के अवसर पर मनाया जा रहा है।

पीएमओ के बयान में कहा गया कि बार-बार विनाश के प्रयासों के बावजूद, सोमनाथ मंदिर आज भी दृढ़ता, आस्था और राष्ट्रीय गौरव का सशक्त प्रतीक बना हुआ है, जो इसे उसके प्राचीन वैभव में पुनर्स्थापित करने के सामूहिक संकल्प और प्रयासों का परिणाम है।

स्वतंत्रता के बाद मंदिर के पुनरुद्धार के प्रयास सरदार वल्लभभाई पटेल ने किए थे।

इस पुनर्जीवन यात्रा का एक महत्वपूर्ण पड़ाव 1951 में आया, जब तत्कालीन राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद की उपस्थिति में पुनर्निर्मित सोमनाथ मंदिर को श्रद्धालुओं के लिए औपचारिक रूप से खोला गया।

देश में किसी मंदिर स्थल के निकट आयोजित सबसे बड़े ड्रोन शो में से एक माने जा रहे इस कार्यक्रम में सरदार पटेल और वीर हमीरजी गोहिल जैसी विभूतियों को भी अलग-अलग आकृतियों में श्रद्धांजलि दी गई, साथ ही प्रधानमंत्री मोदी की छवि भी दर्शाई गई। वीर हमीरजी गोहिल 16वीं सदी के राजपूत योद्धा थे, जिन्होंने आक्रमणकारियों के खिलाफ सोमनाथ मंदिर की रक्षा में बलिदान दिया था।

इससे पहले पीटीआई को जानकारी देने वाले एक व्यक्ति ने कहा था, “योजना के अनुसार शो में 3,000 ड्रोन शामिल होंगे और यह लगभग 15 मिनट तक चलेगा। विषयगत संरचनाओं में भगवान शिव और एक विशाल शिवलिंग का चित्रण शामिल है।”

उन्होंने बताया था कि ड्रोन के माध्यम से आकाश में बनाई जाने वाली भगवान शिव की आकृति लगभग 280 मीटर ऊंचाई तक फैली होगी, जबकि शिवलिंग की आकृति 330 मीटर तक विस्तृत होगी।

यह शो आईआईटी दिल्ली द्वारा इनक्यूबेटेड टेक कंपनी बॉटलैब ने किया, जिसने इससे पहले जनवरी 2024 में अयोध्या में राम मंदिर के ‘प्राण प्रतिष्ठा’ समारोह सहित कई प्रमुख अवसरों पर ड्रोन शो आयोजित किए हैं।

बॉटलैब के एक टीम सदस्य ने कहा कि ड्रोन शो को “थीमैटिक एरियल नैरेटिव” के रूप में तैयार किया गया था, जिसमें सटीक नियंत्रित प्रकाश संरचनाओं के जरिए आध्यात्मिकता, इतिहास और राष्ट्रीय पहचान को जोड़ा गया।

टेक कंपनी ने कहा कि यह क्रम सोमनाथ की सदियों लंबी यात्रा को दर्शाता है — ब्रह्मांडीय उत्पत्ति से लेकर समकालीन भारत तक।

कंपनी प्रतिनिधि के अनुसार अन्य संरचनाओं में ‘शिव तांडव: दिव्य ऊर्जा और संतुलन का चित्रण’ तथा ‘अखंड सोमनाथ, अखंड भारत’ पाठ भी शामिल था, जो सभ्यतागत निरंतरता का प्रतीक है।

मंदिर तक जाने वाली मुख्य सड़क — शंख सर्कल से वीर हमीरजी गोहिल सर्कल तक — को इस अवसर पर होर्डिंग्स, बैनरों और पोस्टरों से सजाया गया था।

शहर में लगाए गए कई बड़े बैनरों पर पर्व का नाम और ‘अखंड सोमनाथ, अखंड भारत’ लिखा हुआ था।

पीटीआई केएनडी एआरआई