यूपी में AAP ने बांग्लादेशी हिंदुओं पर अत्याचार के खिलाफ किया प्रदर्शन, राष्ट्रपति मुर्मू को सौंपा ज्ञापन

**EDS: THIRD PARTY IMAGE** In this image received on Dec. 29, 2025, President Droupadi Murmu addresses the gathering during the 22nd Parsi Maha and centenary celebrations of Ol Chiki, in Jamshedpur. (Rashtrapati Bhavan via PTI Photo)(PTI12_29_2025_000135B) *** Local Caption ***

मेरठ (यूपी), 11 जनवरी (पीटीआई):

आम आदमी पार्टी (AAP) ने रविवार को मेरठ में बांग्लादेश में हिंदू समुदाय पर कथित अत्याचारों के खिलाफ प्रदर्शन किया और केंद्र सरकार की विदेश नीति पर सवाल उठाते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को एक ज्ञापन सौंपा।

प्रदर्शन के दौरान AAP कार्यकर्ताओं ने बांग्लादेश में मंदिरों पर हमले, हिंदुओं की हत्याएं, महिलाओं और बच्चों के खिलाफ हिंसा तथा कथित जबरन पलायन जैसे मुद्दे उठाए। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि इन घटनाओं के बावजूद केंद्र सरकार कोई ठोस कूटनीतिक कदम नहीं उठा रही है।

AAP के पश्चिमी उत्तर प्रदेश अध्यक्ष सोमेंद्र ढाका ने कहा कि बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों को निशाना बनाया जा रहा है और केंद्र की चुप्पी स्थिति को और गंभीर बना रही है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ विदेश नीति की विफलता नहीं, बल्कि एक गंभीर मानवाधिकार का मुद्दा है।

राष्ट्रपति को सौंपे गए ज्ञापन में—जो अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (नगर) के माध्यम से दिया गया—AAP ने मांग की कि जब तक हिंदू अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं हो जाती, तब तक भारत और बांग्लादेश के बीच व्यापारिक और कूटनीतिक संबंध निलंबित किए जाएं। पार्टी ने बिजली और डीज़ल की आपूर्ति पर पुनर्विचार करने तथा इस मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उठाने की भी मांग की।

भारत ने शुक्रवार को बांग्लादेश से अपने देश में अल्पसंख्यकों पर हो रहे हमलों से “तेजी और दृढ़ता” से निपटने का आग्रह किया था और इन घटनाओं को बाहरी कारणों से जोड़ने के प्रयासों को “चिंताजनक” बताया था।

नई दिल्ली की यह प्रतिक्रिया पिछले कुछ हफ्तों में बांग्लादेश में कई हिंदू पुरुषों की हत्या की पृष्ठभूमि में आई है। दिसंबर में कट्टरपंथी युवा नेता शरण उस्मान हादी की हत्या के बाद बांग्लादेश में हिंदुओं सहित अल्पसंख्यकों पर हमलों की एक श्रृंखला देखी गई है।

बांग्लादेश हिंदू बौद्ध ईसाई एकता परिषद (BHBCUC) के अनुसार, पिछले महीने अकेले 51 सांप्रदायिक हिंसा की घटनाएं दर्ज की गईं, जिनमें 10 हत्याएं, 10 चोरी और डकैती के मामले तथा 23 घटनाएं घरों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और मंदिरों पर कब्जे, लूटपाट और आगजनी से जुड़ी थीं।

इसके अलावा, जनवरी में अब तक चार और हिंदू व्यक्तियों की हत्या हुई है, जिससे दिसंबर से अब तक कुल मृतकों की संख्या 14 हो गई है।