कई दिनों की हिंसक झड़पों के बाद अलेप्पो से कुर्द लड़ाकों को निकाला गया

Kurdish citizens flash victory signs during a protest against the Syrian government military operation in Aleppo, in front the United Nations headquarters in Beirut, Lebanon, Saturday, Jan. 10, 2026. AP/PTI(AP01_10_2026_000270B)

अलेप्पो (सीरिया), 11 जनवरी (एपी):

सीरिया के उत्तरी शहर अलेप्पो के एक विवादित इलाके से कुर्द लड़ाकों को रविवार तड़के निकाल लिया गया। अधिकारियों के अनुसार, यह कदम सरकारी बलों के साथ कई दिनों से जारी हिंसक झड़पों के अंत की दिशा में अहम माना जा रहा है।

सरकारी समाचार एजेंसी साना (SANA) ने बताया कि बसों के जरिए अलेप्पो के शेख मकसूद इलाके से अंतिम कुर्द लड़ाकों को उत्तर-पूर्वी सीरिया ले जाया गया, जो कुर्द-नेतृत्व वाले सीरियन डेमोक्रेटिक फोर्सेज़ (SDF) के नियंत्रण में है।

SDF कमांडर मजलूम अब्दी ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट में कहा, “अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता के जरिए अलेप्पो में हमारे लोगों के खिलाफ हो रहे हमलों और उल्लंघनों को रोकने के लिए एक समझ बनी है, जिसके तहत संघर्षविराम लागू हुआ और अच्राफियेह तथा शेख मकसूद इलाकों से शहीदों, घायलों, फंसे नागरिकों और लड़ाकों को उत्तरी व पूर्वी सीरिया में सुरक्षित रूप से निकाला गया।”

उन्होंने मध्यस्थों से अपील की कि वे अपने वादों को निभाएं, उल्लंघनों को रुकवाएं और विस्थापित लोगों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करें।

एपी के एक पत्रकार ने मौके पर बसों को रवाना होते देखा और अधिकारियों ने बताया कि इनमें 360 लड़ाके सवार थे। नागरिकों और हिरासत में लिए गए लड़ाकों को ले जाने वाली अन्य बसें शनिवार को ही रवाना हो चुकी थीं।

ड्रोन हमलों के बीच तीव्र झड़पें

शनिवार को कई दिनों की झड़पों के बाद सीरियाई सुरक्षा बल शेख मकसूद में तैनात किए गए, जिनमें दर्जनों लोग मारे गए और घायल हुए।

दिन के दौरान अलेप्पो—सीरिया का सबसे बड़ा शहर—में कई ड्रोन हमलों की सूचना मिली, जिसके बाद अधिकारियों ने अगले आदेश तक अलेप्पो अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से नागरिक उड़ानें रोक दीं।

शनिवार दोपहर एक विस्फोटक ड्रोन ने अलेप्पो गवर्नरेट भवन को निशाना बनाया, ठीक उसके बाद जब दो कैबिनेट मंत्री और एक स्थानीय अधिकारी वहां हालात पर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे थे। हताहतों की तत्काल पुष्टि नहीं हुई।

सरकारी टीवी ने ड्रोन के इमारत से टकराकर विस्फोट करने का फुटेज दिखाया और इसका आरोप कुर्द लड़ाकों पर लगाया। SDF ने इन आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि उसके लड़ाकों ने किसी नागरिक लक्ष्य पर हमला नहीं किया।

यह झड़पें दिसंबर 2024 में तत्कालीन राष्ट्रपति बशर अल-असद के पतन के बाद से सबसे तीव्र मानी जा रही हैं। पांच दिनों में कम से कम 22 लोगों की मौत हुई और 1.4 लाख से अधिक लोग विस्थापित हुए।

अमेरिका की अपील

अमेरिका के सीरिया विशेष दूत टॉम बैरक ने शनिवार को दमिश्क में राष्ट्रपति अहमद अल-शरा सहित शीर्ष अधिकारियों से मुलाकात की और सभी पक्षों से हिंसा रोककर संवाद की ओर लौटने की अपील की।

उन्होंने एक्स पर कहा, “हिंसा असद शासन के पतन के बाद हुई प्रगति को कमजोर करती है और बाहरी हस्तक्षेप को न्योता देती है, जो किसी के हित में नहीं है।” उन्होंने सभी पक्षों से संयम बरतने, तुरंत संघर्षविराम लागू करने और वार्ता बहाल करने का आग्रह किया। बैरक ने कहा कि लड़ाई मार्च में सरकार और कुर्द नेतृत्व के बीच हुए समझौते को कमजोर करती है।

उन्होंने कहा कि अलेप्पो में हालिया घटनाक्रम “गंभीर रूप से चिंताजनक” हैं और वॉशिंगटन का उद्देश्य “एक संप्रभु, एकीकृत सीरिया—जो अपने भीतर और अपने पड़ोसियों के साथ शांतिपूर्ण हो—जहां सभी लोगों को समानता, न्याय और अवसर मिलें।”

कुर्द-बहुल इलाकों से पलायन

साना ने बताया कि शनिवार दोपहर तक शेख मकसूद में गोलीबारी की आवाजें आती रहीं। सुरक्षा बलों से घिरे दो कुर्द लड़ाकों ने कथित तौर पर खुद को उड़ा लिया, हालांकि किसी अन्य के हताहत होने की खबर नहीं है।

सुबह से ही सुरक्षा बलों ने इलाके में तलाशी अभियान चलाया और निवासियों से अपनी सुरक्षा के लिए घरों में रहने को कहा। कई दिन पहले पलायन कर चुके सैकड़ों लोग अभियान खत्म होने के बाद लौटने की अनुमति का इंतजार कर रहे हैं।

मंगलवार को शेख मकसूद, अच्राफियेह और बनी ज़ैद—कुर्द-बहुल उत्तरी इलाकों—में झड़पें तब शुरू हुईं जब सरकार और SDF राष्ट्रीय सेना में बलों के विलय पर सहमति नहीं बना सके। इसके बाद सुरक्षा बलों ने अच्राफियेह और बनी ज़ैद पर कब्जा कर लिया।

कुर्द बलों ने कहा कि पांच दिनों की लड़ाई में कुर्द-बहुल इलाकों में कम से कम 12 नागरिक मारे गए, जबकि सरकारी अधिकारियों के अनुसार आसपास के सरकारी नियंत्रण वाले इलाकों में कम से कम 10 नागरिकों की मौत हुई।

नागरिक इमारतों के इस्तेमाल के आरोप

सीरिया के सूचना मंत्री हमजा अल-मुस्तफा ने सरकारी टीवी से कहा कि लड़ाई के दौरान कुर्द लड़ाकों ने अस्पतालों और क्लीनिकों सहित नागरिक इमारतों का इस्तेमाल किया। दोनों पक्ष एक-दूसरे पर हिंसा शुरू करने और एंबुलेंस कर्मियों व अस्पतालों सहित नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने के आरोप लगा रहे हैं।

उत्तर-पूर्व सीरिया की कुर्द-नेतृत्व वाली डेमोक्रेटिक ऑटोनॉमस एडमिनिस्ट्रेशन ने आरोप लगाया कि सुरक्षा बलों ने शेख मकसूद के खालिद फजर अस्पताल को निशाना बनाया, जिससे मरीजों और पैरामेडिक्स की जान खतरे में पड़ी। उसने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से गोलाबारी रुकवाने के लिए हस्तक्षेप की अपील की।

सरकारी टीवी के अनुसार, SDF द्वारा दागे गए एक ड्रोन से इलाके में एक सुरक्षा कर्मी घायल हुआ।

एपी पत्रकारों ने बताया कि जब सरकारी ड्रोन शेख मकसूद के ऊपर उड़ रहे थे, तब रुक-रुक कर गोलीबारी की आवाजें सुनाई देती रहीं।

सीरियाई सेना ने शुक्रवार रात से इस इलाके को “बंद सैन्य क्षेत्र” घोषित कर “क्लियरिंग ऑपरेशन” शुरू किया है। शुक्रवार को ही अमेरिकी दूत बैरक ने अम्मान में जॉर्डन के विदेश मंत्री अयमान सफादी से हालात पर चर्चा की थी। बैरक के मुताबिक, जॉर्डन ने संघर्षविराम को मजबूत करने और कुर्द लड़ाकों की शांतिपूर्ण वापसी में सहयोग की पेशकश की है।