
न्यूयॉर्क/वाशिंगटन, 12 जनवरी (पीटीआई) – इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव रविवार को वाशिंगटन डीसी पहुंचे ताकि अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट द्वारा आयोजित महत्वपूर्ण खनिज बैठक में भाग ले सकें।
बेसेंट वाशिंगटन में सात देशों (जी-7) के वित्त मंत्रियों की बैठक की मेज़बानी करेंगे, जिसमें महत्वपूर्ण खनिजों पर चर्चा की जाएगी। जी-7 में कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, यूनाइटेड किंगडम और संयुक्त राज्य अमेरिका शामिल हैं, साथ ही यूरोपीय संघ भी इसमें शामिल है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार अन्य देशों, जिनमें भारत और ऑस्ट्रेलिया शामिल हैं, को भी इस बैठक में आमंत्रित किया गया है।
वैष्णव, जो सूचना एवं प्रसारण मंत्री भी हैं, ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, “वाशिंगटन, डीसी पहुंच गए। कल महत्वपूर्ण खनिज मंत्री स्तरीय बैठक में भाग लेंगे। सुरक्षित महत्वपूर्ण खनिज आपूर्ति श्रृंखलाएं हमारे लक्ष्य विकसित भारत के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।”
महत्वपूर्ण खनिजों और दुर्लभ पृथ्वी धातुओं में सुरक्षा और नेतृत्व ट्रम्प प्रशासन की शीर्ष प्राथमिकताओं में शामिल हैं, जिसने कहा है कि अमेरिका की “राष्ट्रीय और आर्थिक सुरक्षा अब हमारे विरोधी विदेशी शक्तियों की खनिज उत्पादन पर निर्भरता के कारण गंभीर रूप से खतरे में है।”
अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी के अनुसार, चीन अधिकांश खनिजों जैसे तांबा, लिथियम, निकल, कोबाल्ट, ग्रेफाइट और दुर्लभ पृथ्वी तत्वों का प्रमुख शोधनकर्ता है, और इसका औसत बाजार हिस्सा लगभग 70 प्रतिशत है। एजेंसी ने कहा कि चीन मैंगनीज सल्फेट और फॉस्फोरिक एसिड जैसे महत्वपूर्ण सामग्री घटकों की आपूर्ति श्रृंखलाओं पर नियंत्रण रखता है।
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