अर्थव्यवस्था के सामने कई चुनौतियां, बजट में ठोस कदम जरूरी: कांग्रेस

New Delhi: Congress leaders Salman Khurshid, Jairam Ramesh and others during the flag-hoisting ceremony marking the 140th Foundation Day of the party, at Indira Bhawan in New Delhi, Sunday, Dec. 28, 2025. (PTI Photo/Arun Sharma)(PTI12_28_2025_000047B)

नई दिल्ली, 12 जनवरी (पीटीआई): कांग्रेस ने सोमवार को उम्मीद जताई कि आगामी केंद्रीय बजट सुस्त निजी कॉरपोरेट निवेश और आय में बढ़ती असमानताओं जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए ठोस कदम उठाएगा, क्योंकि वास्तविक रूप से ऊंची जीडीपी वृद्धि दरें तब तक टिकाऊ नहीं होंगी जब तक इन मुद्दों का समाधान नहीं किया जाता।

कांग्रेस महासचिव (संचार प्रभारी) जयराम रमेश ने कहा कि घरेलू बचत दरों में काफी गिरावट आई है और संपत्ति, आय व उपभोग से जुड़ी असमानताएं लगातार गहरी होती जा रही हैं।

रमेश ने कहा कि यह देखना बाकी है कि आगामी केंद्रीय बजट क्या आंकड़ों के भ्रम के ‘कम्फर्ट ज़ोन’ से बाहर निकलकर वास्तविकताओं और चुनौतियों को स्वीकार करता है और उनसे निपटने के लिए सार्थक कदम उठाता है या नहीं।

आगामी संसद सत्र के कार्यक्रम की घोषणा का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि वर्ष 2026-27 का बजट अब से 20 दिन बाद पेश किया जाएगा।

उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, “यह बजट निस्संदेह 16वें वित्त आयोग की सिफारिशों को प्रतिबिंबित करेगा, जिसने 17 नवंबर 2025 को अपनी रिपोर्ट सौंपी थी। ये सिफारिशें 2026/27 से 2031/32 की अवधि को कवर करती हैं और केंद्र व राज्यों के बीच कर राजस्व के बंटवारे तथा राज्यों के आपसी वितरण से संबंधित हैं।”

रमेश ने कहा कि मनरेगा को कमजोर करने वाले कानून में लागू नई 60:40 लागत साझा करने की व्यवस्था से पहले ही चिंतित राज्य अब और भी अधिक आशंकित होंगे।

उन्होंने कहा, “अर्थव्यवस्था के सामने कई चुनौतियां हैं, जिनमें तीन प्रमुख हैं। पहली, निजी कॉरपोरेट निवेश की दरें अब भी बेहद सुस्त हैं—कर कटौती और अच्छे मुनाफे के बावजूद। दूसरी, घरेलू बचत दरों में भारी गिरावट आई है, जिससे निवेश क्षमता सीमित हो रही है। तीसरी, संपत्ति, आय और उपभोग की असमानताएं लगातार बढ़ रही हैं।”

रमेश ने कहा, “यह देखना होगा कि आगामी बजट क्या साहसपूर्वक आंकड़ों के भ्रम से बाहर निकलता है, इन वास्तविकताओं और चुनौतियों को स्वीकार करता है और उनसे निपटने के लिए सार्थक कदम उठाता है।”

उन्होंने कहा कि व्यापक रोजगार सृजन के लिए आवश्यक उच्च जीडीपी वृद्धि दरें तब तक टिकाऊ नहीं होंगी, जब तक ये कदम अभी नहीं उठाए जाते।

संसद का बजट सत्र 28 जनवरी से 2 अप्रैल तक चलेगा। सत्र की शुरुआत राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के लोकसभा कक्ष में संसद के संयुक्त सत्र को संबोधन से होगी।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आर्थिक सर्वेक्षण पेश करेंगी और आम बजट प्रस्तुत करेंगी। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने अभी बजट पेश करने की तारीख साझा नहीं की है। इस वर्ष बजट दिवस के रूप में तय 1 फरवरी रविवार को पड़ रहा है।

संसद 13 फरवरी से 9 मार्च तक अवकाश में रहेगी।