जम्मू, 12 जनवरी (पीटीआई) नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने सोमवार को जम्मू और कश्मीर को अविभाज्य बताते हुए एक भाजपा नेता द्वारा जम्मू क्षेत्र को अलग राज्य का दर्जा देने की मांग को सख्ती से खारिज कर दिया। यह मांग केंद्र शासित प्रदेश को विभाजित करने से जुड़ी थी।
पूर्व मुख्यमंत्री की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब भाजपा की जम्मू-कश्मीर इकाई के अध्यक्ष सतीश शर्मा ने हाल ही में विधायक श्याम लाल शर्मा के विवादास्पद प्रस्ताव से पार्टी को अलग बताते हुए दूरी बना ली है।
नरवाल फल मंडी के दौरे के दौरान फारूक अब्दुल्ला ने कहा, “न तो जम्मू और न ही कश्मीर को एक-दूसरे से अलग किया जा सकता है। यह सिर को शरीर से अलग करने जैसा होगा — जिसमें जम्मू सिर है और कश्मीर धड़।”
उन्होंने यह भी दावा किया कि लद्दाख के लोग भी जम्मू-कश्मीर के साथ फिर से जुड़ना चाहते हैं।
गौरतलब है कि 2019 में भाजपा नीत केंद्र सरकार ने अनुच्छेद 370 के तहत जम्मू-कश्मीर को प्राप्त विशेष दर्जा समाप्त कर दिया था और तत्कालीन राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों — जम्मू-कश्मीर और लद्दाख — में विभाजित कर दिया गया था।
हाल ही में भाजपा विधायक श्याम लाल शर्मा ने कथित भेदभाव का हवाला देते हुए जम्मू को अलग करने की मांग कर विवाद खड़ा कर दिया था। हालांकि, बाद में पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष ने उनके बयान से दूरी बनाते हुए कहा था कि यह भाजपा का आधिकारिक रुख नहीं है।
जम्मू प्रांतीय अध्यक्ष रतन लाल गुप्ता और अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ के अध्यक्ष विजय लोचन सहित वरिष्ठ पार्टी नेताओं के साथ आए फारूक अब्दुल्ला ने नरवाल फल मंडी एसोसिएशन के पदाधिकारियों से बातचीत की और उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने आश्वासन दिया कि उनकी चिंताओं का समाधान किया जाएगा।
अब्दुल्ला ने कहा कि केंद्र शासित प्रदेश में नेकां के नेतृत्व वाली सरकार जनता के कल्याण के लिए काम कर रही है और पिछले एक वर्ष में कई पहल की गई हैं।
उन्होंने कहा, “चिंता की कोई बात नहीं है… जनता से किए गए सभी वादे पूरे किए जाएंगे।”
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