
अमरावती, 12 जनवरी (पीटीआई) केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने सोमवार को आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू को राज्य में बेंगलुरु–कडप्पा–विजयवाड़ा आर्थिक कॉरिडोर के निर्माण के दौरान चार गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड हासिल करने में सहयोग के लिए धन्यवाद दिया।
गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स कार्यक्रम को वर्चुअल रूप से संबोधित करते हुए वरिष्ठ भाजपा नेता ने कहा कि श्री सत्य साईं जिले में निर्माण कार्यों के दौरान सत्य साईं बाबा के आशीर्वाद से ये रिकॉर्ड संभव हुए।
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा, “मैं बेंगलुरु–विजयवाड़ा आर्थिक कॉरिडोर के निर्माण में चार गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड हासिल करने के लिए सभी को, विशेषकर मुख्यमंत्री नायडू को बधाई देता हूं।”
उन्होंने रिकॉर्ड हासिल करने में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) और कार्यान्वयन एजेंसियों की भूमिका की भी सराहना की।
6 जनवरी को पुट्टापर्थी के पास 24 घंटे के भीतर लगभग 29 लेन-किलोमीटर की सबसे लंबी सतत बिछाव और 10,600 टन से अधिक बिटुमिनस कंक्रीट डालने के लिए दो गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाए गए। इसके अतिरिक्त, 11 जनवरी को यहां 57,500 टन बिटुमिनस कंक्रीट की निरंतर बिछाव और 156 लेन-किलोमीटर की पक्कीकरण कर दो और गिनीज रिकॉर्ड स्थापित किए गए, जो 84.4 लेन-किलोमीटर के पिछले विश्व रिकॉर्ड से अधिक है।
विज्ञप्ति के अनुसार, 343 किलोमीटर लंबा, एक्सेस-नियंत्रित छह लेन वाला बेंगलुरु–कडप्पा–विजयवाड़ा आर्थिक कॉरिडोर सुरक्षित, तेज़ और सुहावने यात्रा अनुभव के लिए डिज़ाइन किया गया है। इसमें 17 इंटरचेंज, 10 वे-साइड सुविधाएं, 5.3 किलोमीटर लंबी एक सुरंग शामिल है, और कॉरिडोर का लगभग 21 किलोमीटर हिस्सा वन क्षेत्र से होकर गुजरता है।
गडकरी ने कहा कि केंद्र गुणवत्ता से समझौता किए बिना और नवाचार अपनाते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण को तेज़ गति से आगे बढ़ाने के लिए लगातार प्रयासरत है। धान के भूसे से बिटुमेन उत्पादन में नवाचार का उल्लेख करते हुए उन्होंने उम्मीद जताई कि आंध्र प्रदेश इस तकनीक के उपयोग में भागीदार बनेगा।
उन्होंने कौशल, नवाचार और बौद्धिक योगदान को और बढ़ाने पर ज़ोर दिया ताकि लागत दक्षता और गुणवत्ता में सुधार हो सके, साथ ही प्रदूषण-मुक्त और पर्यावरण-अनुकूल निर्माण पद्धतियों को अपनाया जा सके। गडकरी ने कहा कि इन्हीं तरीकों से एनएचएआई गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड हासिल कर सका।
उन्होंने कहा कि नायडू के नेतृत्व ने आंध्र प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं के तेज़ क्रियान्वयन के लिए अनुकूल माहौल बनाया है। राज्य सरकार द्वारा पूर्ण सहयोग का उल्लेख करते हुए गडकरी ने आश्वासन दिया कि मुख्यमंत्री द्वारा किए गए प्रस्तावों को हमेशा स्वीकृति मिलेगी।
गडकरी ने कहा कि भारत दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक है और परिवहन व लॉजिस्टिक्स लागत को नौ प्रतिशत से नीचे लाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि लागत में कमी से आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा और बेंगलुरु–विजयवाड़ा कॉरिडोर पर यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आएगी।
विज्ञप्ति के अनुसार, कॉरिडोर पूरा होने पर यात्रा दूरी मौजूदा 635 किलोमीटर से घटकर 535 किलोमीटर हो जाएगी और यात्रा समय करीब 12 घंटे से घटकर लगभग 8 घंटे रह जाएगा। यह कॉरिडोर बेंगलुरु को विजयवाड़ा से जोड़कर क्षेत्रीय संपर्क को मज़बूत करेगा और रायलसीमा क्षेत्र को आंध्र प्रदेश के तटीय व उत्तरी क्षेत्रों तथा कोपार्थी औद्योगिक नोड से बेहतर पहुंच प्रदान करेगा।
एनएचएआई ने एक निजी कंपनी के सहयोग से अत्याधुनिक निर्माण उपकरणों और मशीनरी—70 टिपर्स, पांच हॉट मिक्स प्लांट, एक पेवर और 17 रोलर्स—की तैनाती कर यह उपलब्धि हासिल की। गुणवत्ता नियंत्रण के लिए आईआईटी-बॉम्बे सहित प्रमुख संस्थानों और मूल उपकरण निर्माताओं (ओईएम) की मदद से प्रक्रिया की निगरानी की गई, जिससे गुणवत्ता और सुरक्षा के उच्चतम मानकों का पालन सुनिश्चित हुआ, विज्ञप्ति में कहा गया।
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