नई दिल्ली, 13 जनवरी (पीटीआई) दिल्ली के मंत्री कपिल मिश्रा के खिलाफ आम आदमी पार्टी (आप) नेता अतिशी का कथित तौर पर “डॉक्टर्ड” वीडियो प्रसारित करने के आरोप में दर्ज एफआईआर के मामले में दिल्ली विधानसभा द्वारा जारी नोटिस पर जवाब देने के लिए पंजाब पुलिस के तीन अधिकारियों ने 10 दिन का समय मांगा है, सूत्रों ने बताया।
ये नोटिस पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी), विशेष डीजीपी (साइबर अपराध) और जालंधर पुलिस आयुक्त को दिल्ली विधानसभा के “विशेषाधिकारों के उल्लंघन” के आरोप में जारी किए गए थे।
दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने शनिवार को कहा था कि विधानसभा परिसर के वीडियो क्लिप को लेकर पंजाब पुलिस द्वारा कपिल मिश्रा के खिलाफ दर्ज एफआईआर के संबंध में तीनों अधिकारियों को 48 घंटे के भीतर जवाब देने के लिए नोटिस जारी किए गए हैं।
विधानसभा सचिवालय के सूत्रों ने सोमवार को बताया कि तीनों अधिकारियों ने अब अपने जवाब दाखिल करने के लिए 10 दिन का समय मांगा है।
गुप्ता ने कहा था कि विधानसभा की संपत्ति रहे वीडियो क्लिप का इस्तेमाल और उसके आधार पर पंजाब पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज किया जाना “दुर्भाग्यपूर्ण” है और इससे सदन की गरिमा को ठेस पहुंची है।
उन्होंने कहा कि पंजाब पुलिस अधिकारियों के खिलाफ आगे की कार्रवाई उनके जवाब मिलने के बाद तय की जाएगी।
इस वीडियो क्लिप का इस्तेमाल मिश्रा और कई भाजपा विधायकों ने यह आरोप लगाने के लिए किया था कि विधानसभा में दिल्ली सरकार की एक योजना पर हुई बहस के दौरान नेता प्रतिपक्ष अतिशी ने गुरु तेग बहादुर का अपमान किया। यह बहस पिछले नवंबर में सिख गुरु की 350वीं शहादत वर्षगांठ की स्मृति में आयोजित कार्यक्रम से जुड़ी थी।
जालंधर पुलिस आयुक्तालय ने अतिशी का “संपादित और डॉक्टर्ड” वीडियो अपलोड करने और प्रसारित करने के आरोप में मिश्रा और अन्य लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी।
गुप्ता ने कहा कि विधानसभा ने उन सभी संबंधित दस्तावेजों और फॉरेंसिक रिपोर्ट्स की मांग की है, जिनके आधार पर पंजाब पुलिस ने दावा किया कि वीडियो से छेड़छाड़ की गई थी।
उन्होंने पंजाब में आप सरकार पर राज्य पुलिस के “दुरुपयोग” का भी आरोप लगाया।
पीटीआई
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