
नई दिल्ली, 15 जनवरी (पीटीआई): गणतंत्र दिवस समारोह से पहले दिल्ली पुलिस ने उत्तर दिल्ली के संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले इलाकों में आतंक-रोधी मॉक ड्रिल की एक श्रृंखला आयोजित की। इन अभ्यासों का उद्देश्य विभिन्न एजेंसियों की तैयारियों और प्रतिक्रिया समय का आकलन करना था, एक अधिकारी ने गुरुवार को बताया।
अधिकारी के अनुसार, जनवरी के पहले पखवाड़े में चार मॉक ड्रिल आयोजित की गईं। ये अभ्यास लाल किला, दिल्ली विश्वविद्यालय मेट्रो स्टेशन, आईएसबीटी कश्मीरी गेट और लाहौरी गेट क्षेत्र के खारी बावली जैसे संवेदनशील स्थानों पर किए गए।
इन अभ्यासों का मुख्य उद्देश्य विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय को मजबूत करना और संभावित आतंकी खतरों के प्रति सतर्कता को लेकर आम जनता में जागरूकता बढ़ाना था।
पुलिस के अनुसार, उत्तर दिल्ली में कई महत्वपूर्ण प्रतिष्ठान, ऐतिहासिक स्मारक और प्रमुख बाजार स्थित हैं, जहां रोजाना भारी संख्या में लोगों की आवाजाही होती है, जिससे यह क्षेत्र सुरक्षा की दृष्टि से संवेदनशील बना रहता है।
इन मॉक ड्रिल में बम विस्फोट और आतंकी हमलों जैसी काल्पनिक स्थितियों का अभ्यास किया गया। इसमें दिल्ली पुलिस, स्पेशल सेल, स्वाट (SWAT), पीसीआर, कैट्स (CATS), दिल्ली अग्निशमन सेवा, डॉग स्क्वॉड, बम निरोधक एवं निपटान दस्ते तथा जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरणों ने भाग लिया।
पहली मॉक ड्रिल 3 जनवरी को लाल किले के भीतर हाथी गेट के पास बम विस्फोट की स्थिति का अभ्यास करते हुए आयोजित की गई। पुलिस के अनुसार, कुछ ही मिनटों में एक कमांड पोस्ट स्थापित किया गया, इलाके को घेराबंदी में लिया गया और अभ्यास के तहत चार “घायल” व्यक्तियों को अस्पताल पहुंचाया गया। इस दौरान बम निरोधक और अपराध जांच टीमों ने घटनास्थल की जांच की।
7 जनवरी को दिल्ली विश्वविद्यालय मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर 4 पर आतंकी हमले की स्थिति का अभ्यास किया गया, जिसमें बंधक बनाए जाने की घटना को दर्शाया गया। अधिकारियों के अनुसार, स्पेशल सेल और स्वाट की संयुक्त टीमों ने काल्पनिक खतरे को निष्क्रिय किया, बंधकों को सुरक्षित निकाला और एक घायल व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाया।
तीसरी मॉक ड्रिल 10 जनवरी को आईएसबीटी कश्मीरी गेट पर आयोजित की गई, जिसमें हथियारबंद आतंकियों द्वारा बस प्लेटफॉर्म के पास फायरिंग कर बंधक बनाए जाने की स्थिति को दर्शाया गया। पुलिस के मुताबिक, स्वाट कमांडो ने आतंकियों को निष्क्रिय किया, बंधकों को बचाया और घायलों को समन्वित तरीके से सुरक्षित निकाला।
अंतिम मॉक ड्रिल 14 जनवरी को लाहौरी गेट क्षेत्र के खारी बावली में बम विस्फोट की स्थिति को दर्शाते हुए आयोजित की गई। पुलिस के अनुसार, त्वरित पहुंच नियंत्रण स्थापित किया गया और अभ्यास के तहत घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया।
— पीटीआई
