
जम्मू, 16 जनवरी (पीटीआई) जम्मू-कश्मीर के मुख्य सचिव अतल दुल्लू ने शुक्रवार को कहा कि सीमा पार से आने वाले शत्रुतापूर्ण तत्वों सहित विरोधी ताकतें क्षेत्र में अशांति फैलाने की कोशिश करती रहेंगी, लेकिन ज़मीनी स्तर पर सुरक्षा तैयारियां मजबूत बनी हुई हैं।
दुल्लू ने कहा कि घुसपैठ की कोशिशों से लेकर मौसम और दुर्गम भूभाग से जुड़ी चुनौतियां लगातार बनी रहती हैं, जिनका फायदा विरोधी तत्व उठाने की कोशिश करते हैं।
“हमें यह भी ध्यान में रखना होगा कि जो लोग यहां सुरक्षा स्थिति को बिगाड़ने में लगे हैं, जिनमें हमारा पड़ोसी देश भी शामिल है, वे अपने प्रयास जारी रखेंगे। इसे भी ध्यान में रखना जरूरी है,” उन्होंने पीटीआई से कहा।
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान और उसके आतंकी नेटवर्क की निरंतर कोशिश रहती है कि अचानक हमलों के जरिए स्थिति को खराब किया जाए।
“उनका लगातार प्रयास रहता है कि अचानक हमला कर हालात बिगाड़े जाएं,” दुल्लू ने कहा।
सुरक्षा तंत्र पर भरोसा जताते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि सभी एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं।
“सेना, अर्धसैनिक बल, जम्मू-कश्मीर पुलिस और खुफिया एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट हैं और हर साजिश का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए तैयार हैं,” उन्होंने कहा।
दुल्लू ने 2025 में जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा स्थिति को कुल मिलाकर नियंत्रण में बताया।
“एक बड़ी घटना—पहलगाम हमला—को छोड़ दें तो 2025 में समग्र सुरक्षा स्थिति काफी हद तक नियंत्रण में रही। यह सुरक्षा बलों की मजबूत प्रतिक्रिया और प्रभावी अभियानों को दर्शाता है,” उन्होंने कहा।
गौरतलब है कि पिछले साल 22 अप्रैल को कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में कम से कम 26 लोगों की मौत हो गई थी, जिनमें अधिकतर पर्यटक थे, जबकि एक दर्जन से अधिक लोग घायल हुए थे।
सुरक्षा परिदृश्य पर बात करते हुए दुल्लू ने कहा कि पूरे क्षेत्र में सुरक्षा बलों का स्पष्ट दबदबा रहा और कई अहम सफलताएं मिलीं।
“ऑपरेशन महादेव हो या दिल्ली हमले से जुड़े मॉड्यूल का भंडाफोड़—ऐसी कई सफलताएं सुरक्षा बलों के खाते में रहीं,” उन्होंने कहा।
केंद्रीय गृह मंत्री की अध्यक्षता में हुई हालिया उच्चस्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठकों पर दुल्लू ने कहा कि ऐसे आकलन नियमित प्रक्रिया का हिस्सा हैं।
“समय-समय पर सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की जाती है, नए विकास और आने वाली चुनौतियों का आकलन किया जाता है। इसी रणनीति के तहत सुरक्षा तंत्र काम करता है, जिससे अब तक सफलताएं मिली हैं,” उन्होंने कहा।
2026 में संभावित चुनौतियों पर उन्होंने कहा कि विरोधी तत्व कोशिशें करेंगे, लेकिन सुरक्षा तैयारियां मजबूत हैं।
“सुरक्षा बलों का प्रभावी नियंत्रण और दबदबा सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है ताकि आतंकियों को कोई सफलता न मिले,” उन्होंने कहा।
भारत-पाक सीमा पर पाकिस्तान प्रायोजित ड्रोन गतिविधियों का जिक्र करते हुए दुल्लू ने कहा कि हथियारों और नशीले पदार्थों की तस्करी के लिए ड्रोन का इस्तेमाल गंभीर चुनौती है, लेकिन इसका प्रभावी तरीके से मुकाबला किया जा रहा है।
“सेना, बीएसएफ, पुलिस और अन्य सुरक्षा बल इन चुनौतियों से निपटने में पूरी तरह सक्षम हैं। आतंकवाद को वित्तपोषित करने के लिए की जा रही मादक पदार्थों की तस्करी पर भी सख्ती से कार्रवाई की जा रही है,” उन्होंने कहा।
जम्मू-कश्मीर में सक्रिय आतंकी तंत्र पर दुल्लू ने कहा कि समय के साथ यह काफी कमजोर पड़ा है।
“आतंकी संगठनों में नई भर्ती अब लगभग नगण्य है। पत्थरबाजी और बंद जैसी घटनाएं, जो पहले आम थीं, अब देखने को नहीं मिलतीं और ऐसे आह्वानों को समर्थन भी लगभग खत्म हो गया है,” उन्होंने कहा।
उन्होंने कहा कि लोग धीरे-धीरे आतंकी तंत्र से दूर हो रहे हैं और इसे फिर से मजबूत करने की किसी भी कोशिश से सख्ती से निपटा जाएगा।
“हमारी पुलिस, सुरक्षा बल और खुफिया एजेंसियां पूरी तरह सक्षम हैं और यह सुनिश्चित करेंगी कि शांति भंग न हो और लोगों को शांति व सौहार्द का माहौल मिलता रहे,” दुल्लू ने कहा।
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