पीएम मोदी, राज्यपाल रवि और सीएम स्टालिन ने तिरुवल्लुवर को दी भावभीनी श्रद्धांजलि

Tiruchirappalli: A statue of Thiruvalluvar after being unveiled by Tamil Nadu Chief Minister MK Stalin in the premises of the new school and hostel building of the Government Model School at Thuvakudi area, in Tiruchirappalli district, Thursday, May 8, 2025. (PTI Photo) (PTI05_08_2025_000117B)

चेन्नई, 16 जनवरी (पीटीआई) — प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, तमिलनाडु के राज्यपाल आर एन रवि, मुख्यमंत्री एम के स्टालिन, भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नवीन और राज्य भाजपा अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन ने शुक्रवार को तिरुवल्लुवर दिवस के अवसर पर महान तमिल संत-कवि तिरुवल्लुवर को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “आज तिरुवल्लुवर दिवस पर बहुआयामी तिरुवल्लुवर को नमन, जिनके विचार और कृतियां अनगिनत लोगों को प्रेरित करती हैं। वह एक सौहार्दपूर्ण और करुणामय समाज में विश्वास रखते थे। वह तमिल संस्कृति के श्रेष्ठ मूल्यों का प्रतीक हैं।”

मोदी ने लोगों से ‘तिरुक्कुरल’ पढ़ने का आग्रह करते हुए कहा कि यह ग्रंथ तिरुवल्लुवर की “असाधारण बौद्धिक क्षमता” की झलक देता है। प्रधानमंत्री ने कन्याकुमारी में तिरुवल्लुवर प्रतिमा के दर्शन और पूजा-अर्चना के अपने दौरे के वीडियो भी साझा किए।

राज्यपाल आर एन रवि ने अपने आधिकारिक आवास लोक भवन में स्थापित तिरुवल्लुवर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर पुष्पांजलि अर्पित की।

उन्होंने ‘एक्स’ पर लिखा, “गहन श्रद्धा के साथ राष्ट्र संत तिरुवल्लुवर को नमन करता है, जिनकी गहन बुद्धि ने सदियों से भारत की नैतिक और आध्यात्मिक चेतना को आकार दिया है। तिरुक्कुरल, भारतीय विरासत का एक कालजयी तमिल ग्रंथ है, जो समय, समाज और परिस्थितियों से परे है और सनातन धर्म के शाश्वत मूल्यों में निहित है।”

रवि ने कहा कि तिरुवल्लुवर की शिक्षाएं ईश्वर भक्ति को पुष्ट करती हैं और धर्मपूर्ण आचरण को मानव जीवन का सर्वोच्च मार्गदर्शक सिद्धांत मानती हैं।

मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने कहा कि तिरुवल्लुवर द्वारा बताए गए चार गुण — साहस, उदारता, बुद्धिमत्ता और ऊर्जा — उनकी सरकार की नींव हैं।

उन्होंने कहा कि तिरुवल्लुवर दिवस पर उन्होंने संकल्प लिया है कि उनकी सरकार इन चार गुणों के आधार पर काम करेगी — सामाजिक अन्याय और सांप्रदायिक ताकतों के खिलाफ लड़ने का साहस, गरीबों के लिए जन-केंद्रित कल्याण योजनाओं के माध्यम से उदारता, युवाओं के बौद्धिक विकास को प्रोत्साहित करने की बुद्धिमत्ता और औद्योगिक विकास व महिला सशक्तिकरण के लिए रचनात्मक ऊर्जा।

स्टालिन ने ‘एक्स’ पर लिखा, “इस तिरुवल्लुवर दिवस पर मैं संकल्प लेता हूं कि ये चार गुण तमिलनाडु में निरंतर प्रचलित रहेंगे।”

भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नवीन ने कहा, “तिरुवल्लुवर दिवस पर मैं महान तमिल संत तिरुवल्लुवर को नमन करता हूं। उनकी कालजयी रचनाएं आज भी जीवन के हर क्षेत्र में समाज का मार्गदर्शन करती हैं।” उन्होंने युवाओं से उनकी कृतियों से प्रेरणा लेने का आग्रह किया।

तमिलनाडु भाजपा अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन ने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विभिन्न देशों की यात्राओं के दौरान तमिल भाषा की निरंतर प्रशंसा की है। उन्होंने तमिल भाषा के लिए ऐसे अतुलनीय कार्य किए हैं, जो इतिहास में किसी ने नहीं किए।”

उन्होंने कहा कि ‘काशी तमिल संगमम’ इसका प्रमाण है, जो प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में आयोजित हुआ, जहां उत्तर भारत के अनेक छात्रों ने उत्साहपूर्वक तमिल भाषा सीखी।

नागेंद्रन ने कहा, “तमिल और तिरुवल्लुवर के कारण न केवल तमिलनाडु बल्कि पूरा देश वैश्विक मंच पर गौरव महसूस करता है।”

उन्होंने कहा, “इस तिरुवल्लुवर दिवस पर आइए महान वल्लुवर की महिमा का उत्सव मनाएं।”

तमिल महीने ‘थाई’ के दूसरे दिन को तिरुवल्लुवर दिवस के रूप में मनाया जाता है।

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