नई दिल्ली, 16 जनवरी (पीटीआई) — हाल के महीनों में मामूली सुधार के बावजूद, अधिकांश मुख्य अर्थशास्त्रियों का मानना है कि इस वर्ष वैश्विक आर्थिक परिस्थितियाँ कमजोर हो सकती हैं। फिर भी, एक नए सर्वे में भारत को दक्षिण एशिया में सबसे उज्जवल विकास क्षेत्र के रूप में स्थिर पाया गया, भले ही व्यापार संबंधी चुनौतियाँ बढ़ रही हों।
वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) की नई Chief Economists Outlook रिपोर्ट में कहा गया है कि वैश्विक आर्थिक दृष्टिकोण में मामूली सुधार हुआ है, लेकिन अनिश्चितता बनी हुई है। रिपोर्ट में संपत्ति मूल्यों, बढ़ते ऋण, भू-आर्थिक पुनर्संरेखण और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के तेजी से अपनाए जाने को अवसर और जोखिम दोनों के रूप में देखा गया है।
सर्वे में लगभग 53 प्रतिशत मुख्य अर्थशास्त्रियों ने कहा कि वैश्विक आर्थिक परिस्थितियाँ इस वर्ष कमजोर हो सकती हैं, जो सितंबर 2025 में 72 प्रतिशत थी। रिपोर्ट के अनुसार, दक्षिण एशिया फिर से क्षेत्रीय विकास के दृष्टिकोण में शीर्ष पर लौट आया है। सर्वे में शामिल दो-तिहाई अर्थशास्त्री (66 प्रतिशत) ने दक्षिण एशिया में मजबूत या अत्यंत मजबूत विकास की उम्मीद जताई, जो पिछले सितंबर संस्करण में 31 प्रतिशत था।
रिपोर्ट में कहा गया है,
“उभरते क्षेत्रों में दक्षिण एशिया सबसे उज्जवल विकास क्षेत्र बना हुआ है, जिसमें भारत इसका नेतृत्व कर रहा है, भले ही व्यापार संबंधी चुनौतियाँ बढ़ रही हों।”
भारतीय अर्थव्यवस्था की हाल की स्थिति भी सकारात्मक रही है। आरबीआई ने इसे ‘गोल्डीलॉक्स’ अर्थव्यवस्था बताया, जिसमें सितंबर तिमाही में वास्तविक जीडीपी वृद्धि 8.2 प्रतिशत रही और मुद्रास्फीति लगभग शून्य रही।
WEF ने बताया कि भारत सुधार की राह पर लगातार बढ़ रहा है, रोजगार प्रतिबंधों को कम कर रहा है और अमेरिकी तकनीकी कंपनियों के निवेश के साथ AI अपनाने में तेजी ला रहा है। सर्वे में 36 प्रतिशत ने कहा कि अगले दो वर्षों में AI निवेश का विकास पर महत्वपूर्ण सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
सर्वे ने यह भी दिखाया कि दक्षिण एशिया में मुद्रास्फीति की उम्मीदें कम हुई हैं। 85 प्रतिशत अर्थशास्त्रियों ने कहा कि वित्तीय नीतियों में इस वर्ष बड़े बदलाव की संभावना नहीं है, और दो-तिहाई ने कहा कि मौद्रिक नीति अपरिवर्तित रहेगी।
वैश्विक परिदृश्य में 2026 के तीन मुख्य रुझान सामने आए हैं: AI निवेश और इसके वैश्विक प्रभाव, ऋण सीमा पर पहुँच रहा है और वित्तीय एवं मौद्रिक नीतियों में अभूतपूर्व बदलाव, तथा व्यापार पुनर्संरेखण।
सर्वे में यह भी अनुमान लगाया गया कि क्रिप्टोकरेंसी के लिए परिदृश्य मँहगी हो सकता है, 62 प्रतिशत ने कहा कि बाजार में गिरावट जारी रहेगी।
सर्वेक्षण के अनुसार, क्षेत्रीय विकास की उम्मीदों में दक्षिण एशिया सबसे आगे रहा, जिसमें 66 प्रतिशत अर्थशास्त्री मजबूत या अत्यंत मजबूत प्रदर्शन की उम्मीद रखते हैं, जबकि अमेरिका में 69 प्रतिशत ने मध्यम विकास की उम्मीद जताई। चीन में मिश्रित संभावना है—47 प्रतिशत ने मध्यम, 24 प्रतिशत ने मजबूत और 29 प्रतिशत ने कमजोर विकास की भविष्यवाणी की। यूरोप के लिए दृष्टिकोण सबसे कमजोर है, जहां 53 प्रतिशत ने कमजोर, 44 प्रतिशत ने मध्यम और केवल 3 प्रतिशत ने मजबूत विकास की उम्मीद जताई।
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