दुबई, 16 जनवरी (पीटीआई) अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) की दो सदस्यीय टीम शनिवार को ढाका पहुंचेगी, ताकि अगले महीने भारत में होने वाले टी20 विश्व कप में बांग्लादेश की भागीदारी को लेकर बने गतिरोध को सुलझाया जा सके। आईसीसी को उम्मीद है कि वह बांग्लादेश की सुरक्षा संबंधी चिंताओं को दूर कर पाएगी, जबकि यह पहले ही संकेत दे चुकी है कि मैचों के वेन्यू में बदलाव व्यावहारिक नहीं है।
बांग्लादेश ने अपने खिलाड़ियों की सुरक्षा को लेकर कथित खतरे का हवाला देते हुए विश्व कप के अपने मैचों के वेन्यू बदलने की मांग की है। बांग्लादेश के मैच कोलकाता और मुंबई में होने हैं।
यह मांग बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) ने तब उठाई, जब राष्ट्रीय टीम के तेज गेंदबाज मुस्ताफिजुर रहमान को बीसीसीआई के निर्देश के बाद कोलकाता नाइट राइडर्स के साथ उनके आईपीएल अनुबंध से अचानक अलग कर दिया गया।
इस घटनाक्रम से जुड़े एक सूत्र ने नाम न छापने की शर्त पर पीटीआई को बताया, “हां, फिलहाल यही जानकारी है कि आईसीसी अधिकारी ढाका आ रहे हैं। इस समय बातचीत चल रही है और स्थिति से निपटने के सभी संभावित तरीकों पर चर्चा की जाएगी। हमें उम्मीद है कि बांग्लादेश सरकार के अधिकारी भी इन वार्ताओं में हिस्सा लेंगे।”
सूत्र ने कहा कि बीसीबी ने हाल ही में हुई एक वीडियो कॉन्फ्रेंस के दौरान, खासकर मुंबई में खेलने को लेकर, अपनी आशंकाएं आईसीसी के सामने रखी हैं।
बांग्लादेश को 17 फरवरी को वानखेड़े स्टेडियम में अपने अंतिम ग्रुप सी मुकाबले में नेपाल का सामना करना है।
हालांकि, बीसीबी ने आईसीसी को यह भी बताया कि मुंबई के कुछ भारतीय नेताओं की टिप्पणियों को उसके खिलाड़ियों की सुरक्षा के लिए खतरे के रूप में देखा जा सकता है।
बीसीबी के एक सूत्र ने संकेत दिया कि वार्ता के दौरान मैचों को भारत के किसी अन्य शहर, संभवतः दक्षिण भारत के हिस्सों में, या फिर श्रीलंका में स्थानांतरित करने की संभावना पर भी विचार किया जा सकता है। यह बैठक ढाका के शेर-ए-बांग्ला स्टेडियम में हो सकती है।
हालांकि, यह भी पता चला है कि आईसीसी अपने इस रुख पर अडिग है कि ऐसे काल्पनिक परिदृश्यों को मैचों के वेन्यू बदलने का ठोस कारण नहीं माना जा सकता।
आईसीसी के अपने सुरक्षा आकलन में इस बड़े टूर्नामेंट के लिए खतरे का स्तर ‘कम से मध्यम’ आंका गया है, जो ऐसे आयोजनों में सामान्य माना जाता है।
बताया जा रहा है कि बांग्लादेश पक्ष एक बार फिर मुस्ताफिजुर को आईपीएल से हटाए जाने के मुद्दे को उठाएगा, ताकि भारत में अपने खिलाड़ियों के लिए सुरक्षा खतरे के दावों को मजबूत किया जा सके। इसके साथ ही देश के विभिन्न हिस्सों में हाल में हुए बांग्लादेश विरोधी प्रदर्शनों का भी हवाला दिया जाएगा।
लेकिन आईसीसी के अपने रुख से हटने की संभावना कम है। परिषद का मानना है कि अंतिम समय में वेन्यू बदलने से एक गलत परंपरा स्थापित होगी और भविष्य में अन्य सदस्य देश भी ऐसी मांगें कर सकते हैं, जिससे पहले से घोषित कार्यक्रम के लिए गंभीर चुनौतियां खड़ी हो सकती हैं।
आईसीसी बांग्लादेश को यह भी समझाने की कोशिश करेगा कि विश्व कप के दौरान कड़े सुरक्षा इंतजाम किए जाएंगे।
ढाका में आईसीसी एसीयू प्रमुख
इस बीच, आईसीसी की एंटी-करप्शन यूनिट (एसीयू) के प्रमुख एंड्रयू एफग्रेव भी ढाका में होंगे। वह बीसीबी द्वारा मैच फिक्सिंग में कथित संलिप्तता के चलते निलंबित किए गए नौ स्थानीय खिलाड़ियों के मामले की गहराई से जांच करेंगे।
इन खिलाड़ियों को मौजूदा बांग्लादेश प्रीमियर लीग (बीपीएल) में हिस्सा लेना था।
यह मुद्दा गुरुवार को बांग्लादेश क्रिकेटर्स वेलफेयर एसोसिएशन (सीडब्ल्यूएबी) द्वारा आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उठाया गया था, जिसके बाद आईसीसी ने इस मामले को और करीब से देखने का फैसला किया।
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