
नई दिल्ली, 17 जनवरीः उपराष्ट्रपति सी पी राधाकृष्णन ने शनिवार को यहां भारत मंडपम में पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, जैन आध्यात्मिक नेता आचार्य लोकेश और रामकथा कथावाचक मोरारी बापू के साथ नौ दिवसीय ‘रामकथा’ का उद्घाटन किया।
एक आधिकारिक बयान के अनुसार, यह कार्यक्रम 17 से 25 जनवरी के बीच आयोजित किया जाएगा।
कार्यक्रम में बोलते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि एक जैन संत द्वारा आयोजित रामकथा एक ऐतिहासिक पहल थी और उन्होंने आचार्य लोकेश के प्रयासों की सराहना की।
बयान में कहा गया है कि उन्होंने मोरारी बापू को भी सम्मान दिया।
पूर्व राष्ट्रपति कोविंद ने कहा कि आचार्य लोकेश द्वारा आयोजित ‘सनातन महाकुंभ’ का उद्देश्य भारत की आध्यात्मिक नींव को मजबूत करना था।
उन्होंने कहा कि दिल्ली में आयोजित की जा रही मोरारी बापू की 971वीं रामकथा व्यापक दर्शकों तक विश्व शांति और सद्भाव का संदेश पहुंचाएगी।
आचार्य लोकेश ने कहा कि मोरारी बापू ने रामकथा को समाज के वंचित वर्गों तक ले जाने की परंपरा की शुरुआत की थी।
उन्होंने कहा, “मोरारी बापू ने हाशिए पर पड़े समुदायों के बीच रामकथा परंपरा की शुरुआत की और करुणा और मानवता के संदेश को सीमाओं से परे ले गए।
बयान के अनुसार, रामकथा 17 से 25 जनवरी तक आयोजित की जाएगी और इसका उद्देश्य शांति, सद्भाव, अहिंसा और करुणा को बढ़ावा देना है। पीटीआई एसजीवी एनबी
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