नई दिल्ली, 18 जनवरी (पीटीआई) सीबीआई ने वित्तीय धोखाधड़ी के अलग-अलग मामलों में एक दशक से अधिक समय से फरार चल रहे दो घोषित अपराधियों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी।
तमन्ना चकमा उर्फ टैमी मे को 17 मई 2024 को 22 अन्य आरोपियों के साथ एक 14 साल पुराने मामले में दोषी ठहराया गया था। इस मामले में एजेंसी ने एनपीसीसी लिमिटेड, सिलचर (असम) के तत्कालीन जोनल मैनेजर यूपी मिश्रा और पांच अन्य के खिलाफ मुआवजा बिलों के कथित गबन की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया था। इस मामले का ट्रायल करीब 12 साल तक चला।
सीबीआई के एक प्रवक्ता ने रविवार को जारी बयान में कहा, “ट्रायल की कार्यवाही के दौरान आरोपी तमन्ना चकमा अदालत में पेश नहीं हुई, जिसके चलते माननीय ट्रायल कोर्ट ने उसके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया। ट्रायल के दौरान आरोपी को तलाशने के लिए लगातार और गंभीर प्रयास किए गए, लेकिन वह फरार रही।”
उन्होंने बताया कि फैसले के ऐलान के बाद भी चकमा ट्रायल कोर्ट के समक्ष पेश नहीं हुई।
इसके बाद फील्ड वेरिफिकेशन, भौतिक निगरानी और विस्तृत कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) विश्लेषण के दौरान जुटाए गए इनपुट के आधार पर सीबीआई की शिलांग टीम ने शनिवार को असम के गुवाहाटी में गीता नगर थाना क्षेत्र से तमन्ना चकमा को हिरासत में लिया।
एक अन्य मामले में, सीबीआई ने रविवार को त्रिपुरा चिटफंड घोटाले में 13 साल से फरार आरोपी तपन प्रमाणिक को गिरफ्तार किया।
प्रमाणिक, जो एमपीएस एग्रो-एनिमल प्रोजेक्ट्स लिमिटेड का निदेशक था, और अन्य के खिलाफ सीबीआई ने 8 अक्टूबर 2013 को प्राथमिकी दर्ज की थी।
प्रवक्ता ने कहा, “आरोप है कि आरोपियों ने एजेंटों के माध्यम से निवेश के नाम पर जनता से धोखाधड़ी और बेईमानी से तीन से चार करोड़ रुपये की भारी रकम एकत्र की और उस राशि का गबन कर लिया।”
पहली चार्जशीट 13 अक्टूबर 2015 को दाखिल की गई थी और 31 मई 2019 को एक पूरक चार्जशीट दाखिल की गई, जिसमें प्रमाणिक और अन्य के नाम शामिल थे।
प्रवक्ता ने बताया, “आरोपी तपन प्रमाणिक जांच में शामिल नहीं हुआ और उसके खिलाफ फरार आरोपी के रूप में चार्जशीट और पूरक चार्जशीट दाखिल की गई। माननीय अदालत ने उसके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया, लेकिन वह पकड़ा नहीं जा सका।”
अदालत ने 16 जनवरी 2023 को तपन प्रमाणिक को घोषित अपराधी करार दिया था।
सीबीआई ने डिजिटल फुटप्रिंट्स का पता लगाया और फील्ड वेरिफिकेशन, भौतिक निगरानी तथा सीडीआर विश्लेषण के जरिए पश्चिम बंगाल के नदिया जिले में उसकी लोकेशन ट्रैक की, जहां से उसे रविवार को गिरफ्तार कर लिया गया।
पीटीआई ABS MNK MNK

