लाहौर, 19 जनवरी (पीटीआई) पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने पाकिस्तान सुपर लीग (पीएसएल) में बड़े संरचनात्मक सुधारों की घोषणा की है। इन सुधारों के तहत 2016 में टूर्नामेंट की शुरुआत से लागू ड्राफ्ट सिस्टम की जगह अब खिलाड़ियों की नीलामी (ऑक्शन) प्रणाली अपनाई जाएगी।
खिलाड़ियों की नीलामी के लिए फ्रेंचाइज़ियों की कुल राशि (पर्स) को भी बढ़ाकर 1.6 मिलियन अमेरिकी डॉलर कर दिया गया है, जो पहले 1.3 मिलियन डॉलर थी।
पीएसएल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) सलमान नसीर ने कहा कि लीग के 11वें संस्करण से पहले किए गए ये सुधार इसके विकास, प्रतिस्पर्धात्मकता और नवाचार के प्रति प्रतिबद्धता को और मज़बूत करेंगे।
नसीर ने कहा,
“पीएसएल अब ड्राफ्ट से खिलाड़ियों की नीलामी प्रणाली में बदलेगा, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी और लीग में टीमों के बीच प्रतिस्पर्धात्मक संतुलन बेहतर होगा।”
उन्होंने कहा कि इससे खिलाड़ियों को अधिक कमाई के अवसर भी मिलेंगे।
नए सुधारों के तहत प्रत्येक फ्रेंचाइज़ी अधिकतम चार खिलाड़ियों को ही रिटेन कर सकेगी, और वह भी प्रति श्रेणी केवल एक खिलाड़ी। इससे पहले प्रत्येक फ्रेंचाइज़ी को अपने स्क्वाड से आठ खिलाड़ियों को रिटेन करने की अनुमति थी, जिसमें मेंटर, ब्रांड एंबेसडर और ‘राइट टू मैच’ विकल्प के जरिए नौवें खिलाड़ी को बनाए रखने का अधिकार भी शामिल था।
पीसीबी ने अब मेंटर, ब्रांड एंबेसडर और राइट टू मैच की व्यवस्था को समाप्त कर दिया है।
नसीर ने बताया कि नई टीमें—हैदराबाद और सियालकोट—को खिलाड़ियों की नीलामी से पहले उपलब्ध खिलाड़ी पूल में से चार खिलाड़ियों का चयन करने की अनुमति दी जाएगी।
इसके अलावा, प्रत्येक फ्रेंचाइज़ी को एक विदेशी खिलाड़ी को सीधे साइन करने की अनुमति होगी, जो पीएसएल 10 में शामिल नहीं था। इससे टीमें नए अंतरराष्ट्रीय प्रतिभाओं को रणनीतिक रूप से अपने स्क्वाड में शामिल कर सकेंगी।
पीएसएल का 11वां संस्करण 26 मार्च से शुरू होने वाला है, और फैसलाबाद को अब टूर्नामेंट के वेन्यू की सूची में शामिल किया गया है। (पीटीआई)
श्रेणी: ब्रेकिंग न्यूज़
एसईओ टैग्स: #स्वदेशी, #समाचार, पाकिस्तान सुपर लीग में बड़े संरचनात्मक सुधारों की घोषणा

