
नई दिल्ली, 19 जनवरी (PTI) कांग्रेस ने सोमवार को शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के साथ कथित “दुर्व्यवहार” को लेकर भाजपा पर तीखा हमला बोला और इसे “शर्मनाक घटना” बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हस्तक्षेप की मांग की।
कांग्रेस के मीडिया और प्रचार विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा, “‘ये ना काम के हैं, ना राम के हैं’… इन्हें सिर्फ सत्ता और पैसे से मतलब है, इसके अलावा इन्हें न धर्म की परवाह है, न आस्था की।”
कांग्रेस का यह हमला उस घटना के एक दिन बाद आया, जब पुलिस ने ज्योतिषपीठ शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को बड़ी संख्या में अनुयायियों के साथ संगम जाने से रोक दिया था, जिससे कुछ देर के लिए स्थिति तनावपूर्ण हो गई थी।
माघ मेला के पुलिस अधीक्षक नीरज पांडेय ने बताया कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद बिना पूर्व अनुमति के करीब 200-250 अनुयायियों के साथ बैरिकेड तोड़कर ब्रिज नंबर 2 से स्नान घाट में प्रवेश करने का प्रयास कर रहे थे। भारी भीड़ की जानकारी देने के बावजूद उन्होंने रुकने से इनकार किया और बाद में बिना पवित्र स्नान किए लौट गए। उन्होंने कहा, “पुलिस प्रशासन सभी संतों और महात्माओं का सम्मान करता है, लेकिन श्रद्धालुओं की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।”
यहां एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए खेड़ा ने कहा, “शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद जी के साथ हुए दुर्व्यवहार से हम सभी दुखी हैं। इस घटना के बाद से शंकराचार्य जी अनशन पर हैं, लेकिन ऐसा लगता है कि सरकार को इसकी कोई परवाह नहीं है। कोई और सरकार होती तो अब तक शर्मिंदा हो चुकी होती।”
खेड़ा ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ पूरा ट्रोल आर्मी लगा दिया है, सिर्फ इसलिए क्योंकि वह उनके सामने झुकते नहीं हैं। उन्होंने कहा, “संत राजाओं के सामने नहीं झुकते, राजा संतों के सामने झुकते हैं। प्रधानमंत्री को इस शर्मनाक घटना में हस्तक्षेप करना चाहिए। वरना आप ‘सनातनी’ नहीं, बल्कि ‘धनातनी’ कहलाएंगे और उसी नाम से पहचाने जाएंगे।”
उन्होंने सवाल उठाया, “शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद जी का अपराध क्या है — वह आपकी प्रशंसा नहीं करते, आपकी आलोचना करते हैं; अधूरे मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा पर सवाल उठाते हैं; महाकुंभ के कुप्रबंधन पर आवाज उठाते हैं; और कोविड के दौरान मां गंगा की गोद में तैरती लाशों की बात करते हैं।”
खेड़ा ने कहा कि ऐसे शंकराचार्य को ‘शाही स्नान’ से रोका गया, जबकि वही सरकार आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत को जेड-प्लस सुरक्षा देती है।
उन्होंने आगे आरोप लगाया, “हर धर्म कर्म की बात करता है। हिंदू धर्म में कर्म को विशेष महत्व दिया गया है, लेकिन मोदी सरकार को अपने कर्मों का कोई डर नहीं है। ओडिशा में भाजपा कार्यकर्ता थाने के बाहर हनुमान चालीसा का पाठ कर रहे थे और एक मुस्लिम की हत्या करने वाले व्यक्ति की रिहाई की मांग कर रहे थे।”
उन्होंने कहा, “उदयपुर में कन्हैया लाल जी की हत्या हुई। उस समय मुख्यमंत्री गहलोत साहब ने उनके दोनों बच्चों को नौकरी दी और मामला एनआईए को सौंपा, लेकिन आज तक कन्हैया लाल जी को न्याय नहीं मिला।”
खेड़ा ने आरोप लगाया, “भाजपा लोगों को भक्त बनाकर मूर्ख बनाती है और भक्तों को भी मूर्ख बनाती है; उसे इसके अलावा कुछ नहीं आता।”
अधिकारियों के अनुसार, रविवार को माघ मेला के सबसे पवित्र स्नान पर्व मौनी अमावस्या के अवसर पर संगम में 4.52 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने पवित्र डुबकी लगाई।
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