
नई दिल्ली, 19 जनवरी (PTI) नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी ने सोमवार को सिनेमा का उदाहरण देते हुए ‘विकसित भारत’ के निर्माण में देश के युवाओं की भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि इस यात्रा में युवा “अभिनेता, निर्माता, निर्देशक और कई बार दर्शक भी” होंगे।
यहां एनसीसी कैडेट्स को संबोधित करते हुए नौसेना प्रमुख ने टेनिस के दिग्गज रोजर फेडरर का उल्लेख कर कड़ी मेहनत और दृढ़ता के महत्व पर जोर दिया। साथ ही, 1971 के युद्ध में सेकंड लेफ्टिनेंट अरुण खेत्रपाल के शौर्य और बलिदान को याद करते हुए नैतिक साहस के मूल्य को रेखांकित किया।
एडमिरल त्रिपाठी ने युवाओं से आत्म-अनुशासन और टीमवर्क के मूल्यों को अपनाने का आग्रह किया और कहा कि केवल “व्यक्तिगत प्रतिभा” से न तो कोई संगठन और न ही कोई राष्ट्र आगे बढ़ सकता है।
उन्होंने कहा, “यदि आप इस टीम भावना और युवा ऊर्जा को एकता और उद्देश्य के साथ जोड़ सकें, तो यह 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में एक प्रेरक शक्ति बन जाएगी।”
नौसेना प्रमुख ने बताया कि देश की आबादी का लगभग 65 प्रतिशत हिस्सा युवा है और इसलिए 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य को हासिल करने में उन्हें अहम भूमिका निभानी होगी। उस समय तक अधिकांश युवा अपने 30 के उत्तरार्ध या 40 के शुरुआती दशक में होंगे।
उन्होंने कहा, “अगर मैं ‘विकसित भारत’ के निर्माण को एक फिल्म बनाने जैसा मानूं, तो इस यात्रा में आप इसके अभिनेता, अभिनेत्रियां, निर्माता, निर्देशक और कई बार दर्शक भी होंगे।”
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि युवाओं पर कोई अनावश्यक दबाव नहीं डाला जा रहा है, लेकिन बहुसंख्यक आबादी होने के नाते उन्हें मेहनत करनी होगी।
एडमिरल त्रिपाठी ने कहा कि युवाओं को निजी लाभ से ऊपर उठना होगा और “मुझे इसमें क्या मिलेगा” जैसी सोच को अपनी शब्दावली से निकालना होगा। उन्होंने कहा, “जिस संगठन या राष्ट्र के लिए आप काम कर रहे हैं, अगर वह आगे बढ़ेगा तो उससे आपको भी सम्मान और पहचान मिलेगी।” PTI KND RHL
श्रेणी: ब्रेकिंग न्यूज़
SEO टैग्स: #swadesi, #News, ‘विकसित भारत’ के अभिनेता, निर्देशक और दर्शक आप होंगे: नौसेना प्रमुख
