
लखनऊ, 20 जनवरी (पीटीआई): बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती ने मंगलवार को संसद और विधानसभाओं के सत्रों की घटती अवधि पर चिंता जताते हुए कहा कि इनके लिए साल में कम से कम 100 दिनों का कैलेंडर तय किया जाना चाहिए।
पूर्व उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार और विपक्ष—दोनों को इस मुद्दे को बेहद गंभीरता से लेना चाहिए और इस दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए।
हिंदी में एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट में मायावती ने कहा, “देश की संसद और राज्य विधानसभाओं के सत्रों की अवधि लगातार कम होना, साथ ही बार-बार व्यवधान और स्थगन, सार्वजनिक उपयोगिता पर इसके घटते प्रभाव के कारण गंभीर चिंता का विषय रहा है।”
उनकी यह टिप्पणी संसद के बजट सत्र से पहले आई है। बजट सत्र का पहला चरण 28 जनवरी से 13 फरवरी तक और दूसरा चरण 9 मार्च से 2 अप्रैल तक आयोजित होगा।
गौरतलब है कि संसद का शीतकालीन सत्र केवल 15 बैठकों का रहा, जबकि आमतौर पर यह 20 बैठकों का होता है, जिससे हाल के वर्षों के सबसे संक्षिप्त शीतकालीन सत्रों में से एक माना गया।
मायावती ने कहा कि संसद और राज्य विधानसभाओं की कार्यवाही के लिए साल में कम से कम 100 दिनों का कैलेंडर तय होना चाहिए।
उन्होंने कहा, “संसद और राज्य विधानसभाएं देश की संवैधानिक और लोकतांत्रिक व्यवस्था के महत्वपूर्ण स्तंभ हैं और सरकार/कार्यपालिका को देश और जनता के प्रति जवाबदेह ठहराने का सशक्त माध्यम हैं। इसलिए यह आवश्यक है कि संसद और विधानसभाओं की कार्यवाही शांतिपूर्ण ढंग से, उचित नियमों के अनुसार और साल में कम से कम 100 दिनों के कैलेंडर के तहत संचालित की जाए।” पीटीआई NAV DV DV
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