
रायबरेली (यूपी), 20 जनवरी (पीटीआई): लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सत्ता के केंद्रीकरण और गरीबों के लिए बनी कल्याणकारी व्यवस्थाओं को कमजोर करने का आरोप लगाते हुए कहा कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) को व्यवस्थित रूप से कमजोर किया गया है।
अपने संसदीय क्षेत्र रायबरेली के दौरे के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कांग्रेस सांसद ने कहा कि सरकार ने मनरेगा का नाम बदलकर ही नहीं, बल्कि उससे मिलने वाली सुरक्षा को भी खत्म कर दिया है, जो हाशिये पर खड़े लोगों के अधिकारों पर सीधा हमला है। उन्होंने इसे लोकतंत्र की जड़ों पर प्रहार बताया।
“कांग्रेस मनरेगा की रक्षा के लिए देशभर में आंदोलन चला रही है। हम मजदूरों के साथ खड़े हैं और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं,” राहुल गांधी ने कहा।
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री चाहते हैं कि देश की संपत्ति कुछ चुनिंदा उद्योगपतियों—गौतम अडानी और मुकेश अंबानी—के हाथों में सिमट जाए।
राहुल गांधी ने कहा, “एक तरफ हम आम लोगों की रक्षा कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ नरेंद्र मोदी देश की पूरी संपत्ति कुछ गिने-चुने लोगों को सौंप रहे हैं।”
इससे पहले दिन में राहुल गांधी ने रायबरेली में एक क्रिकेट टूर्नामेंट का उद्घाटन किया। दो दिवसीय दौरे पर आए कांग्रेस नेता ने पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से भी मुलाकात की।
गौरतलब है कि संसद ने 18 दिसंबर 2025 को ‘विकसित भारत – रोजगार और आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण)’ यानी VB-G RAM G विधेयक पारित किया, जिसने यूपीए सरकार के समय लागू 20 साल पुराने मनरेगा कानून की जगह ले ली है। नए कानून के तहत हर साल 125 दिनों के ग्रामीण मजदूरी रोजगार की गारंटी दी गई है।
यह विधेयक विपक्ष के तीव्र विरोध के बीच पारित हुआ। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा था कि पुराने कानून की खामियों को दूर करना जरूरी था। वहीं विपक्ष ने नए कानून से महात्मा गांधी का नाम हटाने और वित्तीय बोझ राज्यों पर डालने को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा था।
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