स्वास्थ्य मंत्रालय: दिसंबर 2025 में 167 दवाओं के नमूने गुणवत्ता परीक्षण में विफल

नई दिल्ली, 22 जनवरी (पीटीआई) केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि दिसंबर 2025 में देशभर में कुल 167 दवाओं के नमूनों को “मानक गुणवत्ता के अनुरूप नहीं” (एनएसक्यू) पाया गया।

केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) द्वारा जारी मासिक ड्रग अलर्ट के अनुसार, केंद्रीय औषधि प्रयोगशालाओं ने विभिन्न कंपनियों द्वारा निर्मित 74 नमूनों को एनएसक्यू पाया, जबकि राज्य औषधि परीक्षण प्रयोगशालाओं ने 93 नमूनों को निर्धारित गुणवत्ता मानकों पर खरा नहीं उतरने वाला बताया।

एनएसक्यू और नकली दवाओं की सूची नियमित नियामक निगरानी गतिविधि के तहत हर महीने सीडीएससीओ पोर्टल पर डाली जाती है।

बयान में कहा गया, “दिसंबर 2025 के लिए केंद्रीय औषधि प्रयोगशालाओं ने 74 दवा नमूनों को मानक गुणवत्ता के अनुरूप नहीं पाया है और राज्य औषधि परीक्षण प्रयोगशालाओं ने 93 दवा नमूनों को एनएसक्यू के रूप में चिन्हित किया है।”

दवाओं के नमूनों को एनएसक्यू के रूप में चिन्हित करना एक या अधिक निर्दिष्ट गुणवत्ता मानकों में विफलता के आधार पर किया जाता है। यह विफलता केवल सरकार की प्रयोगशाला द्वारा परीक्षण किए गए संबंधित बैच के दवा उत्पाद तक सीमित होती है और बाजार में उपलब्ध अन्य दवा उत्पादों को लेकर किसी प्रकार की चिंता का कारण नहीं बनती, बयान में कहा गया।

इस बीच, दिसंबर में उत्तर क्षेत्र (गाजियाबाद) से चार दवा नमूने और एफडीए अहमदाबाद, बिहार तथा महाराष्ट्र से एक-एक नमूना नकली पाया गया। ये दवाएं अनधिकृत इकाइयों द्वारा अन्य कंपनियों के ब्रांड नामों का उपयोग कर निर्मित की गई थीं।

मामले की जांच की जा रही है और कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी, बयान में कहा गया।

मंत्रालय ने कहा कि एनएसक्यू और नकली दवाओं की पहचान करने की यह कार्रवाई राज्य नियामकों के सहयोग से नियमित रूप से की जाती है, ताकि ऐसी दवाओं की पहचान कर उन्हें बाजार से हटाया जा सके। पीटीआई पीएलबी आरएचएल

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